झाबुआ

Jhabua news: टीचर्स की ऑनलाइन हाजिरी जरूरी, नहीं तो कटेगी सैलरी, 96 शिक्षकों को भेजा गया नोटिस

Education System: शिक्षा सुधार के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है, निरीक्षण में 96 लापरवाह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 2 को निलंबित किया गया।
2 min read
Sep 01, 2026
शिक्षकों को भेजा नोटिस, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
शिक्षकों को भेजा नोटिस, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Jhabua news: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में हैं। जिले के विभिन्न विकासखंडों में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण में कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार करने के साथ उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

जिला स्तर पर गठित विशेष समितियों द्वारा स्कूलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इन छापों के दौरान न केवल शिक्षकों की उपस्थिति जांची जा रही है, है, बल्कि विद्यार्थियों के पढ़ने, लिखने और गणितीय ज्ञान के स्तर का भी बारीकी से आकलन हो रहा है। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 96 शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र' जारी किए गए है। वहीं, गंभीर लापरवाही और 02 अनुशासनहीनता के मामलों में निलंबित कर दिया गया है।

'झाबुआ की आकांक्षा' ऐप से निगरानी

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कसावट लाने के लिए पूरी निरीक्षण प्रक्रिया को 'झाबुआ की आकांक्षा' मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप दे दिया गया है। इस ऐप पर प्राप्त होने वाले रियल-टाइम डेटा और मैदानी निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल की गतिविधियों और बच्चों के सीखने की क्षमता (लर्निंग आउटकम) की नियमित समीक्षा की जा रही है।

ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी जरूरी, वरना कटेगा वेतन

लापरवाह शिक्षकों पर एक्शन लेने के लिए प्रशासन ने एक और कड़ा कदम उठाया है। अब जिले के सभी शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को 'ईएचआरएमएस ऐप' पर प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के स्कूल से गाय गायब रहने वाले शिक्षकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। जो कर्मचारी ईएचआरएमएस-ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उन्हें सीधे तौर पर अनुपस्थित माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों पर नियमानुसार वेतन कटौती सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Updated on:
01 Sept 2026 03:17 pm
Published on:
01 Sept 2026 03:17 pm