MP News: शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक खेल उजागर हुआ है। प्राचार्य और शिक्षक की बातचीत का वीडियो वायरल, जिसमें ‘कैसेट’ और ‘कलेक्शन’ जैसे कोडवर्ड में रिश्वत की डील तय होती दिखी।
high school principal bribery video:झाबुआ विकासखंड के हाई स्कूल झायड़ा के संकुल प्राचार्य नटवरसिंह नायक और शिक्षक की बातचीत का वीडियो बुधवार को वायरल हो गया। 6 मिनट 18 सेकंड के इस वीडियो में प्राचार्य, एक शिक्षक से एरियर और भत्ते जारी करवाने के नाम पर कोडवर्ड में रकम की मांग करते नजर आ रहे हैं। संकुल प्राचार्य न केवल 10 प्रतिशत का उल्लेख करते हैं बल्कि कैसेट, कलेक्शन जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल करते हैं। (mp news)
वीडियो जुलाई का बताया जा रहा है, जो अब सामने आया है। वीडियो के बाद से ही प्राचार्य ने मोबाइल भी बंद कर लिया है। वहीं, वीडियो में एक शिक्षक के नाम का जिक किया गया है जिसे कलेक्शन की जिम्मेदारी देने की बात प्राचार्य कर रहे हैं।
जनजातीय कार्य विभाग में कमीशन और भ्रष्टाचार जैसे आरोप आए दिन लगते रहते हैं। हाल ही में स्कूलों में प्रयोगशाला सामग्री सप्लाई का मामला चर्चा में बना हुआ था कि एक संकुल प्राचार्य और शिक्षक की बातचीत का वीडियो वायरल हो गया जिसमें विभाग के अंदर चल रहे कमीशन के खेल को उजागर किया है। 'पत्रिका' के पास यह वीडियो है।
एक वीडियो संज्ञान में आया है। इस संबंध में संकुल प्राचार्य नटवरसिंह नायक को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वीडियो की भी जांच की जा रही है।- जय बैरागी, बीईओ, झाबुआ
प्राचार्य : मैंने कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिक्षक : कब तक हो जाएगा?
प्राचार्य : अभी टाइम लगेगा।
शिक्षक : दिक्कत क्या आ रही है ?
प्राचार्य: दिक्कत वही आ रही है जो अपना खाता था न, वो उठा नहीं था। इसलिए वो बाहर हो गया। ऐसे दो चार केस हो गए।
प्राचार्य: चलो पहले का कर दो। तनख्वाह नहीं आ रही। कैसे भी कर के पेर्मेट देना है।
शिक्षक : ये कम तो करो।
प्राचार्य:नहीं ये फिर होगा, पहले उसको कर दो।
शिक्षक : जो सबने दिए वो मैंने दिए कि नहीं, दिए आपको?
प्राचार्य: वो तो इंदौर वाली कैसेट थी। वो तो हो गई।
शिक्षक: उसके बाद भी तो ईश्वर सर को दिए मैंने।
प्राचार्य : एक हजार दिए। चारों ये इंदौर की कैसेट के हैं। ये अकाउंट के हैं। जो हुआ, उसका दस परसेंट देना है… वैसे बारह का आंकड़ा है, पर मैने कहा दस परसेंट।
शिक्षक : सब दे रहे हैं क्या?
प्राचार्यः सब देंगे, सभी को करना है ये।
शिक्षक : सब देंगे तो मैं भी दे दूंगा।
प्राचार्य : पहले की कैसेट भी है अपनी।
शिक्षक : अभी कितने दूं।
प्राचार्य: अभी अपना कितना निकला है, 26,900..।
तो ढाई हजार ये। पहले के बहुत सारे लंबे है।
शिक्षक : एक तो मेरा नुकसान कर दिया एक दो महीने के आपने।
प्राचार्य : कायका नुकसान। कहीं पकड़कर आ गया एक एरियर में। उससे कोई नुकसान नहीं है।
शिक्षक : मुझे गणना पत्रक बताना, संतुष्टि तो हो जाएगी।
प्राचार्य : वो तो पूरा डिटेल बताऊंगा।
शिक्षक : ये अभी अपने एरियर बताया तो वो कहां से कितना ये मालूम पड़ जाएगा।
प्राचार्य : वो सब चीज आ जाएगी, उससे मतलब नहीं है। अपन कहते हैं नुकसान वाली बात नहीं है, अपन प्लस में ही हैं। चलो ढाई और वो तुम्हारे सब करे थे लोन और जाने क्या-क्या, मेरे को याद नहीं वो कर दो। तुम दौड़ते रहे थे और मैंने काम करवा दिया था। अपने हिसाब से समझकर दोनों कैसेट एक साथ दे देंगे। ये जो है इसको मैं फिर करवा दूंगा।
शिक्षक : इसको कब तक करवा दोगे।
प्राचार्य : ये अभी होगा, मतलब अगस्त एंड तक।
शिक्षक : इतना लेट क्यों? तनख्वाह हो गई तो।
प्राचार्य: अभी लोगों की तनख्वाह बाकी है। 10 के बाद प्रोसेस में ले लेंगे।
शिक्षक : 10 से 15 तारीख के बीच हो जाएगा।
प्राचार्य : जब भी हो जाए कर लेंगे। ये चीज़ आप अभी जाकर ले आओ।
शिक्षक : ईश्वर सर अभी अंतर वैलिया गए हैं। सब जो कर रहे हैं वो मैं कर दूंगा।
प्राचार्य : तुम ईश्वर के साथ दोनों यहां आ जाना। मैने ईश्वर को भी बोल रखा है कि तुम कलेक्शन कर लो। इससे क्या होगा कि लोगों को ऊंचा लगेगा। अब ये जो मैंने बताया है ये फिक्स है। (mp news)
(पत्रिका के पास ये पूरा वीडियो उपलब्ध है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते।)