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महिलाओं को गर्भनिरोधक ‘कॉपर-T’ लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, दांव पर सुरक्षा

MP News: मध्य प्रदेश के जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में महिलाओं को कॉपर टी लगाई नहीं गई, लेकिन कागजों में फर्जी डाटा दर्ज किया गया। सीनियर नर्स को चार्ज नहीं दिया गया।

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गुना

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Akash Dewani

Oct 16, 2025

CG News

शहर के निजी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई (फोटो- सोशल मीडिया)

Copper-T scam: गुना जिला अस्पताल में मेटरनिटी वार्ड (Maternity Ward) में सीनियर नर्स को वहां का प्रभार न देकर एक दूसरी महिला को उक्त वार्ड का इंचार्ज बनाया गया है। जबकि कलेक्टर किशोर कन्याल जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को सीनियर और अनुभव वाली महिला नर्स को प्रभार देने का आदेश दे चुके है, इसके बाद भी मेटरनिटी वार्ड में बदलाव नहीं हो रहा है। (mp news)

15 को लगाना था डिवाइस, लगा दो को, वो भी हो गई गर्भवती

खास बात तो ये है कि इस वार्ड में प्रसव के लिए आने वाली महिला को राष्ट्रीय परिवार नियोजन कांट्रेसेप्टिव डिवाइस (कॉपर टी) लगाई जाना थी, यह डिवाइस कागजों में तो लगा दी, लेकिन अधिकतर महिलाओं को नहीं लगाई। हाल ही में 15 महिलाओं में से दो ऐसी महिलाएं है जिन्होंने कागजों में उनके नाम के आगे डिवाइस तो लगाना बताया, लेकिन वे गर्भवती हो गई। जिसकी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायत की है। इस योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा किए जाने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को है, लेकिन कोई उक्त वार्ड की प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।

ये है मामला

सूत्रों ने बताया कि ऐसी ही एक शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची है जिसमें कहा है कि विगत कई दिनों से जिला चिकित्सालय गुना के अंतर्गत मेटरनिटी वार्ड में महिलाओं को पीपीआईयूसीडी लगाने का जो कार्य वार्ड इंचार्ज और अन्य नर्सों द्वारा किया जा रहा है उसमें वार्ड इंचार्ज द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत डाटा की जानकारी वार्ड के अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है।

फर्जी डाटा किया तैयार

मेटरनिटी वार्ड में महिलाओं को इंट्रायूटरिन कांट्रेसेप्टिव डिवाइस लगाई ही नहीं जाती लेकिन उनकी फर्जी एंट्री कर ली जाती है ओर दबाब की राजनीति के कारण नर्स चुप रह जाती है। बीते दो माह में कम से कम 15 फर्जी एंट्री हुई है, जिससे राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम का फर्जी डाटा तैयार हुआ है। एक डिवाइस लगाने के बदले डेढ़ सौ रुपए शासन से मिलते हैं। अधिकतर नर्सों ने कहा कि वार्ड प्रभारी पर राजनीतिक दबाब के चलते सिविल सर्जन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। वार्ड प्रभारी बदलने की मांग लंबे समय से इस वार्ड में चली आ रही है।

कलेक्टर ने कहा - करवाएंगे जांच

मैटरनिटी वार्ड में फर्जीवाड़ा होगा तो इसकी जांच करवाएंगे। सीनियर को चार्ज न देकर किसी जूनियर को वार्ड प्रभारी बनाया है, यह गलत है। शासन के आदेश का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। - किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना