MP News: समय सीमा निकलने के बाद भी आवेदनों के लंबित होने की लापरवाही करना तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को पड़ा भारी।
MP News: मध्यप्रदेश के झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर ने एक तहसीलदार व 5 नायब तहसीलदारों पर अर्थ दंड (जुर्माना) लगाया है। कलेक्टर नेहा मीना ने मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की समयावधि समीक्षा बैठक ली थी। जिसमें अधिसूचित सेवाओं के कई आवेदन समय-सीमा निकलने के बावजूद लंबित मिले। जिस पर कलेक्टर नेहा मीना ने नाराजगी जताते हुए ये अर्थ दंड तहसीलदार व नायब तहसीलदारों पर लगाया है।
मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 की समयावधि समीक्षा बैठक के दौरान आवेदनों के समय सीमा लंबित मिलने पर कलेक्टर नेहा मीना ने प्रकरणों को अधिनियम की धारा 6(3) के तहत स्वप्रेरणा से द्वितीय अपील में पंजीबद्ध कर परीक्षण किया। निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बावजूद निराकरण में अनावश्यक विलंब करने से संबंधित अधिकारियों की लापरवाही नजर आने पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना ने धारा 7(1) के तहत राजस्व अधिकारियों पर अर्थ दंड लगाया है।
जिन एक तहसीलदार और 5 नायब तहसीलदारों पर कलेक्टर नेहा मीना ने अर्थदंड लगाया है उनमें तहसीलदार झाबुआ पर 500 रुपए, प्रभारी तहसीलदार थांदला पर 1000, प्रभारी तहसीलदार मेघनगर पर 250, नायब तहसीलदार झकनावदा पर 250, नायब तहसीलदार झाबुआ पर 500 तथा नायब तहसीलदार सारंगी पर 3,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को भविष्य में अधिसूचित सेवाओं का निराकरण समय-सीमा में करने के निर्देश भी दिए हैं।