
Non Veg Food Tragedy: मध्य प्रदेश के झाबुआ में नवाई त्योहार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई। जब आधी रात को तबीयत बिगड़ने से एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। रविवार रात परिवार ने एकसाथ भोजन किया। फिर देर रात बच्चियों को उल्टियां शुरू हो गई और 108 एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही दोनों दुनिया छोड़ गई। घटना पिटोल चौकी क्षेत्र के ग्राम घाटिया की है।
पुलिस के मुताबिक ग्राम घाटिया निवासी 55 वर्षीय पंजु बिलवाल की पत्नी नक्कुबाई अपनी बेटी सरमा पति कमलेश भाबोर और उसके तीन बच्चों को 'नवाई त्योहार' मनाने के लिए खेड़ी गांव से लेकर आई थी। रविवार रात पूरे परिवार ने नॉनवेज खाया था। इसके बाद सभी सो गए थे। फिर रात करीब 12.30 बजे 12 वर्षीय राधिका उठी और उसने अपनी दादी के साथ शौच जाने की बात कही। लौटते ही राधिका को उल्टियां होने लगीं। कुछ ही देर बाद उसके बगल की खाट पर सो रही 6 वर्षीय सुनिया भी उल्टियां करने लगी।
बच्चियों की बिगड़ती हालत देखकर घबराए पंजु ने तुरंत अपने भाई कांजु बिलवाल और गांव के अन्य लोगों को घर बुलाया। दामाद कमलेश भाबोर को फोन पर घटना की सूचना दी। परिवार ने तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन जब तक मेडिकल मदद उन तक पहुंच पाती तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पिटोल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं, खरगोन से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। जिले के टांडा बरुड़ में मंगलवार को एक होटल से रबड़ी का सेवन करने के बाद करीब 40 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। शिकायत लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। गर्भवती और बुजुर्ग को जिला अस्पताल रेफर किया है। पीड़ित लक्ष्मी बाई ने बताया, उन्होंने गांव के बस स्टैंड पर संचालित एक होटल से रबड़ी खरीदी थी। इसका सेवन करने के कुछ समय बाद उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें शुरू हो गईं। इसी होटल से खरीदी रबड़ी से कई अन्य लोगों ने तबीयत बिगड़ने की शिकायत की है। घटना की खाद्य विभाग को भी सूचना दी है।