
झालावाड़। अकलेरा क्षेत्र में आचार संहिता के उल्लंघन में लगे बैनर-पोस्टर हटाने की कार्रवाई के दौरान गुरुवार दोपहर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) पुखराज मीणा के साथ मारपीट और राजकार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। घटना दोपहर करीब 12.05 बजे घरौंदा कॉलोनी के पास सड़क पर हुई। पुलिस ने मामले में आनंद धोलपुरिया और उसके बेटे देवेंद्र धोलपुरिया को गिरफ्तार किया है।
ईओ ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह नगर पालिका की टीम के साथ आचार संहिता के उल्लंघन में लगे बैनर-पोस्टर हटाने की कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान आनंद धोलपुरिया और उसका बेटा देवेंद्र मौके पर पहुंचे। दोनों ने नगर पालिका के बिलों पर मौके पर ही हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया। ईओ ने बिलों की जांच कार्यालय में किए जाने की बात कहते हुए मौके पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
ईओ ने आरोप लगाया कि दोनों पिता-पुत्र उनके साथ गंभीर मारपीट करने की नीयत से आए थे। उन्होंने गिरेबान पकड़कर उन्हें गाड़ी से बाहर खींचने का प्रयास किया। इस दौरान शर्ट के बटन टूट गए और धक्का लगने से सिर गाड़ी के दरवाजे से टकरा गया। दोनों ने थप्पड़ों से मारपीट भी की, जिससे दाहिने गाल पर चोट लगी और खून निकल आया। मौके पर मौजूद नगर पालिका कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
ईओ ने बताया कि आनंद धोलपुरिया काफी दिनों से फर्जी बिलों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बना रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण दोनों पिता-पुत्र मारपीट करने की नीयत से मौके पर आए। ईओ ने यह भी बताया कि आनंद धोलपुरिया की फर्म को लेकर पहले भी विवाद रहा है। फर्म द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई का कार्य संतोषजनक तरीके से नहीं किए जाने के कारण उसका टेंडर निरस्त किया गया था।
घटना के बाद ईओ पुखराज मीणा ने अकलेरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। थानाधिकारी धर्माराम चौधरी ने बताया कि आनंद धोलपुरिया और उसके बेटे देवेंद्र को राजकार्य में बाधा डालने एवं मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।