झालावाड़

Video : भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने कोर्ट में किया सरेंडर, अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार, 20 साल पहले एसडीएम पर तानी थी रिवॉल्वर

Court Surrender In BJP MLA Kanwarlal Meena : भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने आज झालावाड़ में मनोहरथाना स्थित एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया।

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BJP MLA Kanwarlal Meena :भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा ने आज झालावाड़ में मनोहरथाना स्थित एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। करीब 20 साल पहले एसडीएम पर पिस्तौल तानने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में विधायक मीणा ने आत्म समर्पण किया है। विधायक मीणा सुबह करीब 11 बजे अपने समर्थकों के साथ कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उनके निवास से लेकर कोर्ट परिसर तक भारी भीड़ देखने को मिली। समर्थकों की भारी मौजूदगी के बीच मीणा ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट ने विधायक कंवरलाल मीणा को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इस दौरान मौके पर पुलिस उप अधीक्षक कैलाशचंद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सरेंडर से पहले बालाजी के शरण में मीणा..

आज सुबह कोर्ट में सरेंडर करने से पहले विधायक कंवरलाल मीणा अकलेरा में अपने निवास से सीधे कामखेड़ा बालाजी धाम पहुंचे। वहां पर मीणा ने मंदिर में बालाजी जी की पूजा अर्चना की। फिर दर्शन और पूजा के बाद मीणा मनोहर थाना कोर्ट में पहुंचे और सरेंडर किया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई 15 दिन की मोहलत आज खत्म हो रही थी, जिसके चलते मीणा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।

कांग्रेस ने साधा निशाना…

बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की अयोग्यता के मामले में स्पीकर वासुदेव देवनानी पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर विपक्ष ने स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि स्पीकर कंवरलाल मीणा को अयोग्य करार देने की बजाय इस मामले में कुंडली मारकर बैठ गए हैं।

राज्यपाल को सौंपा था ज्ञापन..

कांग्रेस विधायक दल ने 19 मई 2025 को राजभवन में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े को ज्ञापन सौंपकर कंवरलाल मीणा की विधायकी तत्काल रद्द करने की मांग की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष संविधान का उल्लंघन करते हुए दोषी विधायक को बचा रहे हैं।

यह है मामला..

बता दें कि यह मामला 3 फरवरी 2005 का है, जब कंवरलाल मीणा ने खाताखेड़ी ग्राम पंचायत के उपसरपंच चुनाव में पुनर्मतदान की मांग को लेकर एसडीएम रामनिवास मेहता पर रिवॉल्वर तान दी थी और वीडियोग्राफी की कैसेट तोड़कर सरकारी काम में बाधा डाली थी। निचली अदालत ने 2020 में मीणा को तीन साल की सजा और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसे राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा।

Updated on:
21 May 2025 11:37 am
Published on:
21 May 2025 11:36 am
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