जिला मुख्यालय पर जनाना चिकित्सालय का भार होगा कम : जिला कलक्टर व चिकित्सा विभाग के प्रयास लाए रंग
जिला मुख्यालय पर जनाना चिकित्सालय का भार होगा कम : जिला कलक्टर व चिकित्सा विभाग के प्रयास लाए रंग
महिलाएं बोली अब नहीं जाना पड़ेगा झालावाड़
झालावाड़. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अब प्रसूताओं को परेशानी नहीं होगी। जिले की 17 पीएचसी पर पिछले छह माह से कोई ऑपरेशन नहीं हो रहा था, लेकिन अब यहां एक बार फिर से पर्याप्त सुविधाएं बढ़ाकर फिर से ऑपरेशन की सुविधा मुहैया करवाई गई है।
गौरतलब है कि गत दिनों जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिले की ऐसी पीएचसी जहां पिछले छह से एक भी प्रसव नहीं हो रहा था। इस पर जिला कलक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में 20 दिन में 17 सीएचसी में प्रसूव सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने निर्देश के सभी पीएचसी के डॉक्टरों को 17 सीसी के नोटिस जारी करपीएचसी स्तर पर प्रसव करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पीएचसी पर उपकरण व मैनपावर की कमी को भी पूरा किया गया। अब सभी 17 पीएचसी पर प्रसव सुविधा चालू होने से नवजात की किलकारी गूंज रही है।
ये सुविधाएं बढ़ाईं
जिले की थनावद, मिश्रोली, रवास्यां, करावन, कुंडला, मंडावर, डोंडा, कनवाड़ा, सिरपोई, चचलाव, दूधालिया, कचनारा, हरिगढ़, गाडरवडा नूरजी, कड़ोदिया, घाटोली, पचपहाड़ आदि पीएचसी पर जिला कलक्टर के निर्देश पर सुविधाएं बढ़ाई गई है, यहां एएनएम लगाई है व उन्हे प्रशिक्षण भी दिलाया गया। साथ ही जो उपकरण कम थे उनकी पूर्ति की गई। हाल ही में जिले में 201 स्थाई एएनएम की नियुक्ति होने से कई पीएचसी में खाली चल रहा पद भरने से ग्रामीणों को सुविधा मिली। अब इन संस्थानों पर 24 घंटे प्रसूव की सुविधा मिलेगी।
थमाए थे नोटिस
जिला कलक्टर के निर्देश देने के बाद सभी पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों को सीएमएचओ की ओर से 17 सीसी के नोटिस देकर 15 दिन में संस्थागत प्रसव शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस पर अब यहां फिर से छह माह बाद प्रसव होने लगे।
जिला मुख्यालय पर राहत
जिलेभर से अभी जनाना चिकित्सालय में बड़ी संख्या में प्रसूताएं प्रसव के लिए आती है। यहां प्रतिदिन 30-35 प्रसव होते हैं, ऐसे में यहां काफी भार बढ़ जाता हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में ही 17 पीएचसी पर अब प्रसूव की सुविधा मिलने से जनाना चिकित्सालय का भार कम होगा।
पहले प्रसव के लिए झालावाड़ जाना पड़ता था, लेकिन अब प्रसव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मण्डावर पर होने लगे हैं। यहां नर्स व अन्य स्टाफ भी लगाया गया है।
इन्द्रा बाइ भील, डडवाडा
पहले भवानीमंडी जाना पड़ता था, लेकिन अब कई दिनों बाद पीएचसी मिश्रोली पर प्रसूव हुआ है। इससे हमें अन्य जगह नहीं जाना पड़ेगा।
प्रियंका, हलदूपाडा
हमारे गांव के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कचनारा में अब प्रसव होने लग गए है। हमें अन्य जगह नहीं जाना पड़ता।
पूजा प्रसूता, गांव खुरचनिया
अब पीएचसी कनवाड़ा में ही प्रसूव होने लग गए है। अब ग्रामीणों को 24 घंटे सुविधा मिलने लग जाएगी। यहां कई दिनों बाद प्रसव हुआ।
मुमताज, रलायती
जिले में 17 पीएचसी पर पिछले 6 माह से कोई प्रसव नहीं हो रहे थे। शून्य प्रसव वाले संस्था प्रभारियों को आगामी 15 दिवस में संस्थागत प्रसव सुविधा चालू करने के लिए 17 सीसी के नोटिस दिए थे। अब वहां स्टाफ व उपकरण आदि की सुविधा बढ़ा दी गई है। जिला मुख्यालय पर प्रसूताओं की संख्या भी कम होगी। इससे जनाना का भार कम होगा।
डॉ. साजिद खान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, झालावाड़