
Jhalawar History Sheeter: झालावाड़ जिले में अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। जिले में पिछले दस महीनों के भीतर कुल 51 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, जिनमें से अधिकांश युवा हैं और एक बड़ी संख्या मादक पदार्थ की तस्करी में लिप्त हैं।
इस कार्रवाई के पीछे पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार का कड़ा रुख है। पिछले साल जुलाई में कार्यभार संभालने के बाद से ही वे ड्रग तस्करों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त एक्शन ले रहे हैं, जिसके तहत अब तक अपराधियों की करोड़ों रुपए की संपत्ति सीज और ध्वस्त की जा चुकी है।
पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 से 31 मई तक दर्ज किए गए 51 नए हिस्ट्रीशीटरों में से करीब 60 फीसदी अपराधी केवल 21 से 34 साल की उम्र के हैं। नए हिस्ट्रीशीटरों के आयु वर्ग का वर्गीकरण इस प्रकार है।
इन अपराधियों की औसत आयु 32 साल सामने आई है। इनमें सबसे कम उम्र का हिस्ट्रीशीटर भवानीमंडी के दरगाह मोहल्ला निवासी 21 वर्षीय रेहान उर्फ गोलू है, जिसके खिलाफ 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी हिस्ट्रीशीट पिछले साल सितंबर में खोली गई थी। अपराध के तरीकों की बात करें तो इन 51 अपराधियों में से 25 मादक पदार्थ (ड्रग्स) की तस्करी और 19 अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल हैं। वहीं, 10 अपराधी ऐसे पाए गए जो ड्रग्स और अवैध हथियार दोनों के काले कारोबार में लिप्त हैं।
इन सभी 51 नए हिस्ट्रीशीटरों का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड काफी गंभीर है। इनके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में कुल 531 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 202 मुकदमे तो महज पिछले तीन साल के भीतर दर्ज हुए हैं। इनमें से 19 अपराधियों के खिलाफ पिछले तीन साल में 5 या उससे अधिक और 34 अपराधियों के खिलाफ 3 या उससे अधिक मामले दर्ज हैं।
हार्डकोर अपराधियों की सूची में झालावाड़ कोतवाली क्षेत्र का 40 वर्षीय सोनू उर्फ संदीप यादव प्रमुख है, जिसके खिलाफ 29 मामले दर्ज हैं और इनमें से 10 केस पिछले तीन सालों में दर्ज हुए हैं। इसी तरह झालरापाटन के मुकेरी मोहल्ला निवासी 30 वर्षीय इमरान उर्फ इन्ना पर 26 मामले, बीरियाखेड़ी के राजू कंजर पर 25 मामले, मैठून के मुकेश कुमार उर्फ डेकडिया पर 17 मामले और मंडावर के सत्तू उर्फ सत्यनारायण भील पर 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन सभी की हिस्ट्रीशीट पिछले साल खोली गई थी।
एक तरफ जहां नए और युवा अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने सुधार का मौका देते हुए पुराने अपराधियों को राहत भी दी है। एसपी अमित कुमार ने जिले के करीब 450 हिस्ट्रीशीटरों की फाइलों की समीक्षा करवाई। जांच में सामने आया कि 71 ऐसे हिस्ट्रीशीटर हैं, जिन्होंने लंबे समय से किसी भी आपराधिक गतिविधि में भाग नहीं लिया है।
इन 71 लोगों की औसत आयु लगभग 60 वर्ष है। इनमें से 3 हिस्ट्रीशीटर तो 80 साल से अधिक उम्र के हैं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके अलावा 18 लोग 70 वर्ष से अधिक और 35 लोग 50 से 65 वर्ष की आयु के हैं। पुलिस ने अब इन सभी 71 बुजुर्ग हो चुके लोगों की निगरानी बंद कर दी है।
लंबे समय से अपराध से दूरी बना चुके 71 हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी बंद की गई है। वहीं, पिछले 10 महीनों में 51 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, जिनमें अधिकांश युवा हैं जिन्होंने पिछले 3 साल में कई अपराध किए हैं। इन सभी नए अपराधियों पर पुलिस पैनी नजर रख रही है।