झालावाड़

‘सीढ़ियों से गिरने’ की झूठी कहानी से मानव तस्करी और 100 करोड़ के घोटाले तक, झालावाड़ पुलिस ने खुद दर्ज कीं 19 FIR

Rajasthan Police ActionL झालावाड़ पुलिस ने पिछले सवा साल में 19 मामलों में शिकायतकर्ता का इंतजार किए बिना खुद एफआईआर दर्ज कर जांच की। इनमें सरकारी योजनाओं में 100 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी, मानव तस्करी और हत्या जैसे मामले शामिल हैं।
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Jhalawar Crime News
सीढियों से गिरने की कहानी निकली झूठी

जयप्रकाश सिंह

झालावाड़. हर अपराध के बाद पुलिस के पास शिकायत लेकर पीड़ित या उसके परिजन ही पहुंचें, यह जरूरी नहीं। कई बार वायरल वीडियो, गोपनीय सूचना या संदिग्ध घटनाक्रम ही पुलिस के लिए पहला सुराग बन जाता है। झालावाड़ में पिछले सवा साल में ऐसे 19 मामलों में पुलिस ने शिकायतकर्ता का इंतजार नहीं किया। उपलब्ध सूचना और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस खुद परिवादी बनी, एफआइआर दर्ज की और जांच आगे बढ़ाई। जिससे आज कई अपराधी सलाखों के पीछे हैं।
इनमें संदिग्ध मौत से लेकर मानव तस्करी, सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी और सोशल मीडिया पर सामने आए अपराध शामिल है। इन सभी मामलों में अपराध का तरीका अलग-अलग रहा, लेकिन शुरुआती तौर पर मिले एक छोटे से सुराग ने जांच को आगे बढ़ाया और अपराध का बड़ा नेटवर्क सामने आया।

गोपनीय सूचना से खुला सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा

केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में सेंध की गोपनीय सूचना पर शुरू हुई जांच में पुलिस अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंची। गिरोह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा व दिव्यांग पेंशन, मुफ्त स्कूटी वितरण और फसल खराबा मुआवजा जैसी योजनाओं के पोर्टल की तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर वित्तीय धोखाधड़ी की। जांच में डिजिटल डिवाइस से मिले डाटा, फ्रीज बैंक खातों और विभिन्न जिलों की सर्वे रिपोर्ट से 100 करोड़ रुपए से अधिक के दुरुपयोग का पता चला। मामले की जांच अब एसओजी कर रही है। कार्रवाई में 51 आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें 48 के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है।

सीढ़ियों से गिरने की कहानी झूठी निकली

अकलेरा के चंदनपुर गांव में 7 नवंबर 2025 को रेनू उर्फ निर्मला की संदिग्ध मौत हुई। परिजन ने इसे सीढ़ियों से गिरने का हादसा बता गुमराह किया। पोस्टमार्टम में मृतका के शरीर पर 19 चोटें मिलने के बाद पुलिस को संदेह हुआ। वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी और क्राइम सीन री-क्रिएशन कर साक्ष्य जुटाए। जांच में पति के अन्य महिलाओं से संबंधों को लेकर विवाद की बात भी सामने आई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पति देवीकृपाल उर्फ डेविड सहित आठ परिजन को गिरफ्तार कर चालान पेश किया।

कुएं में मिली विवाहिता, एफएसएल जांच से खुली परतें

डग क्षेत्र के तिसाई गांव में गत जुलाई में कुएं में गंभीर घायल मिली विवाहिता तारा कुंवर की मौत के मामले में पुलिस ने कोटा से एफएसएल टीम बुलाकर घटनास्थल और कुएं का निरीक्षण कराया। क्राइम सीन री-क्रिएशन और भौतिक साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने मृतका के पति जसवंत सिंह और ससुर रणजीत सिंह को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।

वीडियो ने खोले केस, पुलिस बनी परिवादी

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी पुलिस के लिए अहम सुराग बन जाते हैं। कुत्ते से क्रूरता, एसआरजीएच की पार्किंग में मरीज के परिजन से मारपीट और हथियार लहराकर धमकाने के मामलों में वीडियो के आधार पर पुलिस ने खुद एफआइआर दर्ज की। खानपुर में चाकू और तलवार लहराने के अलग-अलग मामलों में भी वायरल वीडियो के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की गई।

मानव तस्करी का नेटवर्क- 10 लड़कियां मुक्त

2 जून को गुप्त सूचना पर पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा कर 10 लड़कियों को मुक्त कराया। इनमें सात नाबालिग थीं। कार्रवाई में पांच आरोपी गिरफ्तार और एक डिटेन किया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों को रोजगार और अच्छी परवरिश का झांसा देकर लड़कियों को जाल में फंसाता था। बाद में दलालों के जरिए उन्हें मुंबई, नागपुर और अन्य शहरों में बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह के सौदे में ऐसी अमानवीय शर्त भी थी कि लड़की की मौत होने पर ही कर्ज माफ किया जाएगा। नेटवर्क के तार बूंदी, टोंक, झालावाड़, ग्वालियर और मुंबई तक मिले।

पहले सुराग पर की जांच, फिर…

अपराध सामने आने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता का इंतजार करने के बजाय उपलब्ध सूचना और पहले सुराग के आधार पर जांच शुरू की। साक्ष्य मिलने पर पुलिस खुद परिवादी बनी और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई।
- अमित कुमार, एसपी झालावाड़

Updated on:
11 Oct 2026 03:33 pm
Published on:
11 Oct 2026 03:32 pm