
Rajasthan Panchayat Polls (Photo-AI)
Rajasthan Panchayat Election 2026: चौमहला (झालावाड़): डग पंचायत समिति क्षेत्र में आगामी पंचायतीराज चुनाव के बीच नई समस्या सामने आई है। मध्यप्रदेश में जन्मी और राजस्थान में विवाह करने वाली महिलाओं के ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे हैं। प्रमाण-पत्र जारी नहीं होने से ओबीसी आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
झालावाड़ में डग पंचायत समिति क्षेत्र मध्यप्रदेश की सीमा से सटा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां राजस्थान और मध्यप्रदेश के परिवारों के बीच लंबे समय से वैवाहिक संबंध होते आ रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश में जन्मी महिलाओं का विवाह राजस्थान के युवकों से हुआ है और वे विवाह के बाद वर्षों से अपने पति के परिवार के साथ राजस्थान में ही निवास कर रही हैं।
परिजनों का कहना है कि इन महिलाओं के आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र सहित सभी सरकारी दस्तावेज राजस्थान के पते पर बने हुए हैं। कई मामलों में राजस्थान में उनके नाम पर भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने पर प्रक्रिया में अड़चन आ रही है।
गौरतलब है कि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए जाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। चुनाव कार्यक्रम नजदीक होने के कारण प्रमाण-पत्र नहीं बनने से चुनाव लड़ने के इच्छुक परिवारों की चिंता बढ़ गई है। समय पर प्रमाण-पत्र नहीं मिलने से उनका नामांकन तक प्रभावित हो सकता है।
इस संबंध में राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों के दिशा-निर्देश एवं स्पष्टीकरण उपलब्ध हैं। विभाग ने जाति प्रमाण-पत्र जारी करने से संबंधित विभिन्न स्थितियों के लिए नियम जारी किए हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में जन्म और राजस्थान में विवाह जैसी स्थिति में प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन को स्पष्ट स्थिति बतानी चाहिए। यदि नियमानुसार प्रमाण-पत्र जारी किया जाना संभव है तो पात्र महिलाओं के प्रमाण-पत्र समय पर बनाए जाएं और यदि किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता है तो आवेदकों को स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जाए।
चुनाव की तारीखें नजदीक होने के कारण प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से इस मामले में शीघ्र मार्गदर्शन और समाधान की मांग की है, ताकि पात्र महिलाओं को नामांकन के समय दस्तावेज संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े और वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकें।
राजस्थान के नियमानुसार जाति का निर्धारण पिता के आधार पर किया जाता है। इसलिए संबंधित प्रकरण में जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा सकता।
-गणेशलाल खंगार, तहसीलदार, गंगधार
Updated on:
04 Oct 2026 12:46 pm
Published on:
04 Oct 2026 12:46 pm
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