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Ajmer: गाड़ी के नंबर में 007 और राम-श्याम लिखवाने का क्रेज, जानें कैसे मिलता है पसंदीदा VIP नंबर और कितना आता है खर्च?

राजस्थान में गाड़ियों पर पसंदीदा और फैंसी नंबर लिखवाने का जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। 'राम', 'श्याम' से लेकर '007' जैसे VIP नंबरों के लिए वाहन मालिक 11,000 से 5 लाख रुपए तक खर्च कर रहे हैं। अजमेर परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस नए ट्रेंड और नीलामी से विभाग के खजाने में 3.29 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई हुई है।
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अजमेर

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Arvind Rao

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मनीष कुमार सिंह

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Oct 11, 2026

vip vehicle number

VIP Vehicle Number (Photo-AI)

-मनीष कुमार सिंह

अजमेर: किसी के लिए गाड़ी का नंबर प्रेम का प्रतीक है, तो किसी के लिए आस्था और किसी के लिए अपना रुतबा, पहचान व फॉलोअर्स दिखाने का जरिया। इसके चलते वाहन खरीदने के साथ ही पसंदीदा और खास नंबर लेने का ट्रेंड भी बढ़ रहा है। राम, श्याम और फिल्मी अंदाज में जेम्स बॉन्ड की पहचान बने 007 जैसे नंबरों का युवाओं में क्रेज है। त्योहारी सीजन में वाहनों की खरीद बढ़ने के साथ फैंसी नंबरों की मांग भी बढ़ जाती है। अजमेर परिवहन विभाग में ऐसे नंबरों के लिए निर्धारित शुल्क चुकाकर आवेदन किया जा सकता है। खास नंबर के लिए वाहन मालिक को सामान्य पंजीकरण शुल्क के अतिरिक्त बड़ी राशि देनी होती है।

नंबर के शौक पर लाखों तक खर्च

वीआईपी नंबरों की विभिन्न श्रेणियों के लिए शुल्क निर्धारित है। 0001, 0003, 0005, 0007, 0009 और 0786 जैसे नंबरों के लिए पहली सीरीज में 1 लाख 1 हजार रुपए से शुरुआत होती है। आगे की सीरीज में नंबर लेने पर शुल्क बढ़ता जाता है। पांचवीं सीरीज में ऐसे नंबर के लिए 5 लाख रुपए से अधिक तक की राशि देनी पड़ सकती है।

इसी तरह 0002, 0004, 0006, 0008, 0011, 0555, 0777, 1111, 5555, 7777 और 9999 जैसे नंबरों के लिए भी अलग-अलग दरें लागू हैं। वहीं, 0027, 0090, 0909, 2121, 4141, 5454 और 9009 जैसे नंबर भी निर्धारित फैंसी नंबरों की सूची में शामिल हैं। समान अंकों वाले अन्य नंबरों के लिए भी अलग शुल्क तय है।

खजाने में आए 3.29 करोड़

अजमेर जिला परिवहन विभाग के वर्ष 2025 की चार तिमाहियों और वर्ष 2026 की तीन तिमाहियों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वीआईपी नंबरों से अजमेर परिवहन विभाग को 3.29 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई।

नए वाहन को मिल सकेगा पुराना नंबर

कोई वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नए वाहन पर भी लेना चाहे, तो इसके लिए भी शुल्क देना होगा। ऐसे नंबर के लिए 1 लाख 1 हजार रुपए निर्धारित हैं। एक ही नंबर के दो या अधिक दावेदार होने पर नंबर की नीलामी की जाती है और अधिकतम बोली लगाने वाले को आवंटित किया जाता है।

तीसरी तिमाही में सबसे ज्यादा कमाई

आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 560 वाहनों को वीआईपी नंबर आवंटित करने से विभाग को 99 लाख 19 हजार 500 रुपए मिले थे। साल की तीसरी तिमाही में नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार होने के कारण यह कमाई का सीजन रहता है।

वीआईपी नंबर को लेकर लोगों की अपनी-अपनी सोच है। इसके लिए 5.11 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक खर्च किए जाते हैं। एक से ज्यादा दावेदार होने पर बोली लगाई जाती है। वीआईपी नंबर के लिए अधिकतम पांच सीरीज आगे का नंबर दिया जा सकता है। इसके लिए विभाग ने शुल्क निर्धारित कर रखा है।

-राजीव शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी, अजमेर

वीआईपी नंबरों से करोड़ों की कमाई

अवधिवाहनप्राप्त राशि
अप्रैल-जून 202544478.51 लाख
जुलाई-सितंबर 202534558.65 लाख
अक्टूबर-दिसंबर 202556099.20 लाख
जनवरी-मार्च 202653492.77 लाख
कुल (वित्त वर्ष 2025-26)1,8833.29 करोड़

स्रोत: अजमेर परिवहन विभाग के उपलब्ध आंकड़े

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