
Divya Chaudhary: निलंबित जेलर दिव्या चौधरी फोटो खिंचवाते हुए (फोटो-पत्रिका)
अजमेर। सेन्ट्रल जेल स्थित महिला बंदी सुधार गृह से सजायाफ्ता और विचाराधीन दो महिला बंदियों को जेल नियमों के विरुद्ध बाहर ले जाने के मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे 6 अक्टूबर की शाम कोटा के कुनाड़ी स्थित आवासीय फ्लैट से पकड़ा। मामले में सहयोगी रही प्रहरी सोनिया चौधरी की तलाश की जा रही है। अदालत ने बुधवार को दिव्या को जेल भेज दिया।
वृत्ताधिकारी शिवम जोशी ने बताया कि पुलिस टीम ने साइबर तकनीक से लोकेशन ट्रेस कर भीलवाड़ा के अगरपुरा निवासी निलंबित जेलर दिव्या चौधरी (37) को कोटा से गिरफ्तार किया। अनुसंधान में सामने आया कि दिव्या दोनों महिला बंदियों को अजमेर में जयपुर रोड स्थित अपने निजी आवास पर साफ-सफाई के लिए लेकर गई थी।
पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि तत्कालीन जेलर दिव्या ने प्रहरी सोनिया के सहयोग से जेल में निरुद्ध दो महिला बंदियों को नियम विरुद्ध तरीके से बाहर निकाला। इनमें हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रही किरण उर्फ सेठा तथा हत्या के मामले में विचाराधीन सना शामिल हैं। दोनों को निजी आवास पर ले जाना सामने आया है। दिव्या ने पूछताछ में बताया कि वह दोनों को सफाई के लिए लेकर गई थी। पुलिस के अनुसार कोर्ट अभिरक्षा में निरुद्ध बंदियों को निजी काम से बाहर ले जाना अवैधानिक है।
पुलिस के मुताबिक निलंबन के बाद दिव्या बीकानेर सेन्ट्रल जेल से गैरहाजिर थी। वहीं प्रहरी सोनिया चौधरी भी जोधपुर सेन्ट्रल जेल में उपस्थित नहीं हुई। संभावित ठिकानों पर तलाश के दौरान दिव्या के कोटा में होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने कुनाड़ी स्थित फ्लैट पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
प्रहरी सोनिया अभी फरार है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अनुसंधान अधिकारी दिव्या से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों महिला बंदियों को निजी आवास ले जाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। सोनिया की गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।
महिला बंदियों को नियम विरुद्ध बाहर ले जाने और महिला बंदी सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामले का ‘राजस्थान पत्रिका’ ने 14 जुलाई के अंक में खुलासा किया था। इसके बाद जेल मुख्यालय ने 15 जुलाई को जेलर दिव्या और प्रहरी सोनिया को अजमेर से मुख्यालय जयपुर एपीओ किया था। 17 जुलाई को दोनों को निलंबित कर दिया गया। बाद में दिव्या को बीकानेर और सोनिया को जोधपुर सेन्ट्रल जेल मुख्यालय किया गया।
गिरफ्तारी के बाद बुधवार को पेशी के दौरान दिव्या चेहरे पर मास्क लगाकर पहुंची। फोटो खिंचवाने के दौरान उसके चेहरे पर मुस्कान नजर आई। अदालत ने उसे जेल भेज दिया, जहां उसे महिला बंदी सुधार गृह में दाखिल कराया गया। गौरतलब है कि 12 जुलाई तक दिव्या इसी जेल में जेलर के पद पर तैनात थी और अब उसी जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में दाखिल है।
12 जुलाई को अजमेर महिला बंदी सुधार गृह में हुई घटना का ‘राजस्थान पत्रिका’ ने सिलसिलेवार खबरों के जरिए खुलासा किया था। इसके बाद सेन्ट्रल जेल अजमेर के अधीक्षक आर. अन्तरेश्वरन की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और राजस्थान कारागार अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
Updated on:
07 Oct 2026 11:20 pm
Published on:
07 Oct 2026 11:14 pm
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