Jhalawar Road Accident: झालावाड़ जिले में रविवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। पानी टैंकर पलटने से ट्रैक्टर पर बैठा किशोर उसके नीचे आ गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे।
झालावाड़। सुनेल कस्बे के समीप सामरिया मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार पानी के टैंकर की ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित होकर पलट गई, जिससे ट्रॉली में बैठा किशोर ट्रैक्टर के नीचे दब गया और गंभीर रुप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल घायल किशोर को सुनेल चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए झालावाड़ जिला चिकित्सालय रेफर किया। वहां उपचार के दौरान किशोर ने दम तोड़ दिया।
सीआई विष्णु सिंह ने बताया कि अरनिया गांव निवासी मृतक के पिता तूफान सिंह भील ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र कन्हैयालाल भील (17) सामरिया गांव में बन रहे जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) के निर्माण कार्य में मजदूरी करता था। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह पानी के टैंकर की ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर कार्यस्थल की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित होकर पलट गई।
हादसे में कन्हैयालाल ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर छा गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।
सामरिया मार्ग पर हुए हादसे में किशोर की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने रविवार को कस्बे के महाराणा प्रताप तिराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया और 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की मांग की। इस दौरान करीब एक घंटे तक मार्ग जाम रहा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
सूचना मिलते ही सीआई विष्णु सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने जीएसएस निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार से भी बातचीत कर उचित मुआवजा देने की मांग रखी। इस दौरान ठेकेदार ने मृतक के परिजनों को 3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्चासन दिया।
वहीं ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी पिड़ावा दिनेश कुमार मीणा से मोबाइल पर बात कर सरकारी सहायता की मांग की। इस पर उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार मीणा ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत 5 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद परिजन व ग्रामीण शांत हुए और करीब एक घंटे बाद जाम खोल दिया। इसके बाद यातायात सुचारु हो सका।