राजस्थान के झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे में पीड़ित परिवारों को नरेश मीणा ने ₹1 करोड़ की नकद सहायता राशि दी है। नरेश ने बताया कि यह राशि उन्होंने आमरण अनशन के दौरान जुटाई।
झालावाड़। 25 जुलाई को पिपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे में मृतक बच्चों के परिजनों और घायलों को नरेश मीणा ने सोमवार को एक करोड़ रुपए की नकद आर्थिक सहायता दी। दानदाताओं से एकत्र यह राशि हांथों-हांथ राजस्थान ग्रामीण बैंक की शाखा में एफडी करा दी गई। कार्यक्रम में बैंक के प्रबंधक की टीम मौजूद रही, जिसने मौके पर ही इस राशि की एफडी कर सर्टिफिकेट प्रदान किए।
समरावता प्रकरण से चर्चा में आए नरेश मीणा सोमवार शाम को अपने समर्थकों के साथ पिपलोदी गांव पहुंचे। यहां आयोजित कार्यक्रम में मंच पर उन्होंने मृतक बच्चों और घायलों के परिजनों को बुलाया। उन्होंने हादसे में प्रत्येक मृतक बच्चों के परिजनों को 13 लाख रुपए और 12 घायल बच्चों को 75 हजार रुपए की नकद सहायता दी।
इस अवसर पर मीणा ने कहा कि यह राशि उन्होंने स्कूल हादसे में पीड़ितों की मदद के लिए भामाशाहों से एकत्र की है। राजस्थान सरकार इन्हें जितनी राशि देगी, उससे ज्यादा राशि वे पीड़ितों को मदद के रूप में दिलाएंगे।
गौरतलब है कि पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा राशि देने की मांग को लेकर पिछले दिनों नरेण मीणा जयपुर में आमरण अनशन पर बैठे थे। वे कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। मीणा ने कहा कि 'जब अनशन पर बैठा था, तब मैंने कहा था कि पिपलोदी के पीड़ितों की आर्थिक सहायता के लिए मुझे 51 लाख रुपए दे दो तो अनशन तोड़ दूंगा तो जनता ने मुझे एक करोड़ रुपए दे दिए।'
मेहंदीपुर बालाजी से आए मातादीन पणियार ने कहा कि उन्होंने नरेश मीणा का अनशन तुड़वाने के लिए 51 लाख रुपए की राशि दी। वे प्रदेश में पीड़ितों को मदद करते रहे हैं।