भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए नींबू का काफी अधिक मात्रा में उपयोग होता है। इस कारण गर्मी में इसकी मांग बढ़ जाती है। इन दिनों मंडी में नींबू के भाव 150 रुपए किलो से ऊपर पहुंच गए हैं।
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए नींबू का काफी अधिक मात्रा में उपयोग होता है। इस कारण गर्मी में इसकी मांग बढ़ जाती है। इन दिनों मंडी में नींबू के भाव 150 रुपए किलो से ऊपर पहुंच गए हैं। यह पेट्रोल 107.65 रुपए लीटर से अधिक महंगा बिक रहा है। वहीं अदरक भी महंगा बिक रहा है।
सब्जी के थोक विक्रेताओं का मानना है कि इन दिनों मंडी में मांग अनुसार नींबू और अदरक की आवक नहीं हो रही है। वैसे भी अदरक सोंठ बनने की स्थिति में पहुंच जाती है। बिजवारे के लिए भी किसान रख लेते हैं। दूसरी ओर भीषण गर्मी में मांग बढऩे से नींबू का उठाव अधिक होता है, लेकिन मंडी में मांग अनुसार नींबू की आवक नहीं हो रही है।
नींबू का उत्पादन झालावाड़ जिले में इतना होता भी नहीं है। महाराष्ट्र, गुजरात व मध्यप्रदेश के अन्य शहरों से आवक होती है। पहले जो नींबू 100 रुपए से कम में मिल जाता था वह अब थोक में ही 100 से 110 रुपए किलो बिक रहा। फुटकर में तो नींबू 150 से 160 रुपए किलो का आंकड़ा पार कर चुका है। दाम ऊंचे होने से भीषण गर्मी में घर पर शिंकजी बनाने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। शीतलपेय में सबसे अधिक नींबू का ही उपयोग होता है। भाव बढ़ने से गन्ने की चरखी, शिकंजी के ठेले पर भी नींबू कम ही दिखाई दे रहे हैं।
मांग अनुसार आवक नहीं होने से नींबू के दाम आसमान छू रहे हैं। जिले में नीबू की खेती व्यापक स्तर पर नहीं होने से दूसरे राज्यों व शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। भीषण गर्मी में नींबू की मांग भी काफी बढ़ जाती है। इससे भी दाम आसमान पर हैं।
दिलीप सेनी, थोक सब्जी विक्रेता भवानीमंडी