झालावाड़

Nature Lover: पति-पत्नी ने 4 पेड़ काटने के दुख में लगा दिए 450 पेड़-पौधे, झालावाड़ का ये अनोखा घर बना मिसाल

Jhalawar Unique Home: करीब 13 वर्ष पहले घर निर्माण के दौरान नीम और खेजड़ी के चार पेड़ काटने पड़े। इस घटना ने धाकड़ के मन में गहरी टीस छोड़ दी। उसी दिन उन्होंने प्रकृति को लौटाने का संकल्प लिया।

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भवानीमंडी मार्ग स्थित ग्रीन हाउस में पौधों को पानी देते गोविन्द धाकड़ (फोटो: पत्रिका)

National Gardening Day: प्रकृति के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण सुनेल कस्बे के भवानीमंडी मार्ग निवासी पर्यावरण प्रेमी गोविन्द धाकड़ ने प्रस्तुत किया है। उनका घर हरियाली की अनोखी मिसाल बन चुका है, जहां 450 से अधिक प्रजातियों के पेड़-पौधे एक बगीचे रूप ले चुके हैं।

फोटो: पत्रिका

करीब 13 वर्ष पहले घर निर्माण के दौरान नीम और खेजड़ी के चार पेड़ काटने पड़े। इस घटना ने धाकड़ के मन में गहरी टीस छोड़ दी। उसी दिन उन्होंने प्रकृति को लौटाने का संकल्प लिया। आज वही संकल्प एक विशाल हरित संसार के रूप में साकार हो चुका है, जहां आंगन से लेकर छत तक हरियाली ही हरियाली नजर आती है।

फोटो: पत्रिका

शौक बन गया मिशन

शुरुआत मोगरा, चांदनी, चमेली और चंपा जैसे कुछ फूलों के पौधों से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह शौक एक मिशन में बदल गया। आज उनके गार्डन में फूलों, फलों, औषधीय और पूजनीय पौधों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इस हरित अभियान में उनकी पत्नी सोनाली धाकड़ भी बराबर की भागीदारी निभा रही हैं। दोनों पति-पत्नी रोज सुबह-शाम करीब दो घंटे पौधों की देखभाल करते हैं।

जैविक पद्धति अपनाई

इस ग्रीन हाउस की खासियत यह है कि यहां पूरी तरह जैविक पद्धति अपनाई जाती है। धाकड़ घर पर ही केंचुओं की मदद से जैविक खाद तैयार करते हैं और उसी का उपयोग पौधों में करते हैं। रोगों से बचाव के लिए भी जैविक उपाय अपनाए जाते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है। ग्रीन हाउस में आंवला, पीपल, बिल्वपत्र, तुलसी, पारिजात और कदम जैसे पूजनीय पौधों के साथ आम, जामुन, केला, नींबू, मौसंबी और नारंगी जैसे फलदार पौधे बड़ी संख्या में लगे हैं। वहीं मधुकामनी, मोगरा, मालती, गंधराज, नागचम्पा और अशोक जैसे फूल वातावरण को सुगंधित बनाते हैं।

नवग्रह वाटिका और मसालों की खेती

गार्डन में नवग्रह वाटिका और राशियों से जुड़े पौधों की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और तेजपत्ता जैसे मसालों की खेती भी इसे खास बनाती है।

हरियाली के साथ संदेश

धाकड़ अपने इस प्रयास के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने घर या आसपास थोड़ी-सी जगह में भी पौधे लगाए, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है। उनका यह ग्रीन हाउस इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति का संकल्प समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली की मजबूत नींव तैयार कर सकता है।

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Published on:
14 Apr 2026 01:47 pm
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