
Rajasthan Road Accident: झालावाड़। राजस्थान की सड़कों पर हर 44 मिनट में एक व्यक्ति की जान जा रही है और रोजाना 33 लोग अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। पिछले छह माह में सड़कों पर हुए हादसों में 6020 लोगों ने जान गंवा दी। रोजाना होने वाली मौतों की संख्या चिंताजनक है। ज्यादातर हादसे राजधानी, बड़े शहरों, एक्सप्रेस वे, नेशनल और स्टेट हाइवे पर हुए।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईरेड) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2026 के दौरान प्रदेश में 12 हजार 616 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 6020 लोगों की मौत हुई, जबकि 13 हजार 141 लोग घायल हुए। पिछले वर्ष इसी अवधि में 13966 हादसों में 6444 मौतें हुई और 13 हजार 328 घायल हुए थे।
इस साल अब तक दुर्घटनाओं में 9.67 प्रतिशत और मौतों में 6.58 प्रतिशत की कमी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक स्पॉट में सुधार, तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण, हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमों का सख्ती से पालन तथा दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए बिना मौतों के आंकड़े में बड़ी कमी लाना मुश्किल होगा। हर दिन 33 लोगों की मौत यह बताती है कि राजस्थान की सड़कें अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकी हैं।
राजस्थान में सबसे अधिक सड़क हादसे बड़े शहरों और अधिक यातायात वाले जिलों में दर्ज हुए। पुलिस का जयपुर पश्चिम जिला 846 दुर्घटनाओं के साथ अव्वल है । इसके बाद जयपुर पूर्व में 749, उदयपुर में 581, जयपुर दक्षिण में 535 और सीकर में 482 हादसे हुए। इस अवधि में सबसे कम सड़क हादसे जैसलमेर में 65, खैरथल-तिजारा में 87, फलौदी में 91, भिवाड़ी में 96 और सलूम्बर 99 में दर्ज हुए। इस अवधि में बारां में सड़क हादसे 210 से घटकर 182 और मौतें 115 से घटकर 91 हो गईं। वहीं झालावाड़, कोटा शहर, भीलवाड़ा और पाली जैसे जिलों में दुर्घटनाओं या मौतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जयपुर पश्चिम - 846
जयपुर पूर्व - 749
उदयपुर - 581
जयपुर दक्षिण - 535
सीकर -482
जैसलमेर- 65
खैरथल-तिजारा- 87
फलौदी- 91
भिवाड़ी- 96
सलूम्बर - 99