झालावाड़

राजस्थान में यहां सोयाबीन की रिकॉर्ड तोड़ आवक, मंडी के गेट करने पड़े बंद

Jhalrapatan mandi : झालरापाटन हरिशचंद्र कृषि उपज मंडी में पहली बार सोयाबीन की रिकॉर्ड तोड़ आवक होने की वजह से पूरा परिसर लबालब भरने और जींस को रखने के लिए जगह नहीं बचने और लगातार आवक जारी रहने के कारण मंडी के गेट बंद करने पड़े।

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झालरापाटन हरिशचंद्र कृषि उपज मंडी में पहली बार सोयाबीन की रिकॉर्ड तोड़ आवक होने की वजह से पूरा परिसर लबालब भरने और जींस को रखने के लिए जगह नहीं बचने और लगातार आवक जारी रहने के कारण सोमवार को मंडी के गेट बंद करने पड़े। मंडी में 25 हजार कट्टे सोयाबीन की आवक हुई।

मंडी के गेट बंद करने से आस-पास के गांव के अलावा दूरदराज से ऊपज भर कर लाए किसानों को काफी देर तक गेट के बाहर अपने ट्रैक्टर खड़े रखने के बाद वापस निराश लौटना पड़ा। मंडी व्यापारियों ने बताया कि दीपावली का त्योहार समाप्त होने के साथ ही किसानों ने मंडी में सोयाबीन लाना एक साथ शुरू कर दिया। इसके चलते सोमवार को सोयाबीन की बंपर आवक हुई।

पहले से ही हजारों कट्टे पड़े
मंडी में पहले से ही हजारों कट्टे सोयाबीन के रखे होने और नए माल की आवक होने से उपज को रखने के लिए जगह तक नहीं बची। इसी को देखते हुए व्यापारियों ने सोमवार को नीलामी से शेष रही सोयाबीन की नीलामी मंगलवार को करने के कारण मंडी में मंगलवार का अवकाश रखा। इस दौरान मंडी के गेट बंद रहेंगे। सोमवार को मंडी के गेट से लेकर पूरे परिसर में जगह जगह सोयाबीन के ढेर लगे रहे जिसके कारण वाहनों के साथ ही पैदल आवाजाही तक नहीं हो सकी।

व्यापारियों को परेशानी हो रही
खाद्य एवं तिलहन व्यापार संघ मीडिया प्रभारी हरि राठौर ने बताया कि मंडी में सोयाबीन की ऐतिहासिक आवक होने के कारण माल का लोडिंग अपलोडिंग करने में व्यापारियों को परेशानी आ रही है। इसे देखते हुए ही मंगलवार को मंडी बंद रखने का निर्णय किया है। माल की अधिक आवक होने के कारण सोमवार को दोपहर 12:30 बजे मंडी के गेट बंद किए, जो मंगलवार शाम तक बंद रहेंगे। शाम 6 बजे कृषि जींस से भरे वाहनों के लिए गेट खोले जाएंगे। जिन की नीलामी बुधवार को होगी। सोमवार को मंडी में सोयाबीन की भंवरलाल बाल प्रसाद राठौर ने उच्चतम बोली 5240 रुपए प्रति क्विंटल पर ली।

खाद्य एवं तिलहन व्यापार संघ सचिव विजय मूंदड़ा ने बताया कि मंडी में चारों तरफ सोयाबीन पड़ी होने की वजह से नए माल को रखने की जगह नहीं है। जिसकी वजह से व्यापारियों ने किसानों का माल नहीं खरीदा। उन्होंने बताया कि अभी तक जो माल मंडी परिसर में आया है उसकी नीलामी हो पाएगी, बाकी नए माल की कोई खरीद फरोख्त नहीं होगी।

Published on:
01 Nov 2022 05:05 pm
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