Road Accident Cases Increased: झालावाड़। प्रदेश में सड़क सुरक्षा के उपायों के बावजूद सड़क हादसों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। सरकार भले ही सड़क सुरक्षा को लेकर कई दावे कर रही हो, लेकिन पिछले एक साल में सड़क हादसों में करीब 10 हजार का इजाफा हुआ है, जो 2024 के मुकाबले 41.5 प्रतिशत अधिक है।
Road Accident Cases Increased: झालावाड़। प्रदेश में सड़क सुरक्षा के उपायों के बावजूद सड़क हादसों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। सरकार भले ही सड़क सुरक्षा को लेकर कई दावे कर रही हो, लेकिन पिछले एक साल में सड़क हादसों में करीब 10 हजार का इजाफा हुआ है, जो 2024 के मुकाबले 41.5 प्रतिशत अधिक है। इस वृद्धि के साथ ही हादसों में मृतकों की संख्या में 5.5 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 26.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।
प्रदेश में वर्ष 2025 में कुल 33,805 सड़क हादसे हुए, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 23,884 था। इन हादसों में 12,250 लोगों की मौत हो गई और 28,611 गंभीर घायल अस्पतालों में पहुंचे। 2024 में मृतकों की संख्या 11,612 और घायलों की संख्या 22,625 थी।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें सीकर और उदयपुर जिले में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं, जबकि जयपुर (उत्तर) और कोटा शहर में हादसों में मौतों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस बढ़ते हादसों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके और आम नागरिकों की जान की रक्षा की जा सके।
| क्षेत्र | हादसे (संख्या) | मौतें | घायल |
|---|---|---|---|
| जयपुर पश्चिम | 5,400 | 351 | 2,475 |
| जयपुर पूर्व | 4,032 | 261 | 1,937 |
| जयपुर दक्षिण | 2,947 | 193 | 1,418 |
हालांकि सीकर और उदयपुर में जयपुर की तुलना में हादसे कम हुए, लेकिन मौतों की संख्या सबसे अधिक रही।
वर्ष 2025 में जैसलमेर जिले में सबसे कम 157 हादसे हुए, लेकिन इनमें 143 लोगों की मौत हुई और 225 घायल हुए। यानी लगभग हर हादसे में एक व्यक्ति की जान गई।
इसके अलावा सलूंबर में 186 हादसे में 106 मौतें, खैरथल-तिजारा में 199 हादसे में 102 मौतें, भिवाड़ी में 202 हादसे में 100 मौतें और डीग में 224 हादसे में 129 मौतें हुई।
प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी जयपुर पश्चिम जिले में दर्ज की गई है। यहां वर्ष 2024 में जहां 1,075 सड़क हादसे हुए थे, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 5,400 हो गई। जयपुर पूर्व में भी हादसों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। यहां 2024 में 760 हादसे दर्ज थे, जो 2025 में बढ़कर 4,032 हो गए।
जयपुर दक्षिण में सड़क हादसे 777 से बढ़कर 2,947 हो गए, जबकि जयपुर उत्तर में हादसों की संख्या 587 से बढ़कर 851 दर्ज की गई। इसके बाद नागौर जिले में भी सड़क हादसों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जहां हादसे 375 से बढ़कर 752 तक पहुंच गए।
वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क हादसों में 28 जिलों में कमी आई हैं, इनमें 5 जिलों में सबसे ज्यादा कमी दर्ज की गई।
सड़क पर चलने का एक प्रोटोकॉल और नियम होता है, लेकिन लोग इसकी पालना नहीं करते। सड़कों के किनारे अतिक्रमण होने से वे संकरी हो गई है। इस वजह से यातायात का दबाव बढ़ जाता है। गाड़ियों की फिटनेस और यूरोपीय सेफ्टी मानकों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस वे पर अनेक खामियां है। इस कारण हादसे बढ़ रहे है। हादसे कम करने के लिए परिवहन विभाग, सड़क निर्माण विभाग और पुलिस को समन्वय के साथ काम करना होगा।- लक्ष्मण गौड़, सेवानिवृत पुलिस महानिरीक्षक जयपुर
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