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Gold Blocks In Rajasthan: सोना दुनिया की सबसे अधिक खरीदी और बेची जाने वाली कीमती धातुओं में से एक है। सोने की कीमतें वर्तमान में नए स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके बावजूद सोना आज भी लोगों की नजर में निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प है।
कर्नाटक भारत का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक राज्य है। कर्नाटक हर वर्ष देश में करीब 90 फीसदी स्वर्ण उत्पादन में योगदान देता है। देश में सोने का घरेलू उत्पादन सीमित होने के कारण भारत को हर वर्ष 800 टन से अधिक सोने का आयात करना पड़ता है। भारत में सबसे अधिक सोना आभूषण बनाने में काम आता है।
राजस्थान में अरावली की पहाड़ियों में सोने का बड़ा भंडार छिपा हुआ है। प्रदेश के 4 जिलों में सोने का भंडार है। राज्य में मिले गोल्ड भंडारों की अनुमानित कीमत 1.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
राजस्थान में सोना कई बहुमूल्य खनिजों जैसे तांबा, निकल और कोबाल्ट के साथ मिश्रित रूप में पाया जाता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
राजस्थान सरकार ने हाल ही में सोने की खुदाई करने के मकसद से दो ब्लॉक्स की ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन उसमें रोड़ा अटक गया।
बांसवाड़ा जिले के कांकरिया गारा और सलूंबर जिले के डगोचा ब्लॉक में गोल्ड खनन के लिए कम्पोजिट लाइसेंस के लिए हाल ही में डिजिटल बोलियां आमंत्रित की गई थीं।
2 जनवरी 2026 को खदान नीलामी की बोलियां खोली जानी थीं, लेकिन दोनों ब्लॉक के अरावली की पहाड़ियों में होने की वजह से नीलामी रोक दी गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अरावली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मद्देनजर पूरी प्रक्रिया रोक दी गई है।
केंद्र ने पूरी अरावली पर्वतमाला में किसी भी नए खनन पट्टे के आवंटन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्देश दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात पर समान रूप से लागू होता है। अब खनन विभाग इस मामले पर स्पष्ट कानूनी मार्गदर्शन मिलने के बाद आगे बढ़ेगा।
माना जा रहा है कि दोनों स्थानों पर सोने के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। कंकरिया गारा और डगोचा बलॉक जिन कंपनियों को आवंटित होंगे, वे सोने की खोज के साथ खनन भी कर सकेंगी।
इससे पहले भी राज्य के बांसवाड़ा जिले में घाटोल तहसील के भूकिया-जगपुरा तथा कांकरिया-गारा गांवों में 2 गोल्ड खदानों की नीलामी की गई थी, लेकिन कानूनी पचड़े व कागजी कार्यवाही पूरी नहीं होने की वजह से आवंटन निरस्त करने पड़े थे।
472 हेक्टेयर में फैले सलूंबर जिले के डगोचा ब्लॉक में 1.74 मिलियन टन से अधिक स्वर्ण भंडार मौजूद होने का अनुमान है। इसकी वर्तमान कीमत लगभग 1,410 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
राजस्थान में 18 से ज्यादा गोल्ड ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं। इनमें बांसवाड़ा जिले में सबसे अधिक 12 ब्लॉक चिन्हित हैं। इसके अलावा सलूंबर के डगोचा में चार, डूंगरपुर के भारकुंदी में एक और दौसा के ढाणी बसेड़ी में एक ब्लॉक शामिल हैं।
भारत में सोना हमेशा से ही एक बहुमूल्य और आभूषण रहा है। देश का लगभग पूरा घरेलू सोना उत्पादन कर्नाटक से ही होता है। कर्नाटक में कोलार गोल्ड फील्ड्स और हुट्टी गोल्ड माइंस देश की सबसे पुरानी सोने की खदानों में से हैं। हुट्टी गोल्ड वर्तमान में चालू है वहीं कोलार बंद है।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे कुछ राज्य अपने स्वर्ण उत्पादन के लिए जाने जाते हैं, वहीं बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में सोने के विशाल भंडार मौजूद हैं, जहां खनन न के बराबर होता है।
भारत में अब तक हुई सोने की खोज के मुताबिक छह राज्यों बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिमी बंगाल, आन्ध्र प्रदेश और झारखण्ड में गोल्ड भंडार हैं।
देश के कुल स्वर्ण भंडारों की बात करें तो बिहार के बाद राजस्थान दूसरे नंबर पर है। बिहार में अब तक लगभग 44 फीसदी और राजस्थान में 25 फीसदी स्वर्ण भंडार की पहचान हो चुकी है।
चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोना उत्पादक है, जहां सोना विभिन्न प्रांतों से निकाला जाता है। जानिए दुनिया में 10 सबसे अधिक सोना उत्पादन करने वालों देशों के बारे में-
| रैंक | देश | वार्षिक सोना उत्पादन |
|---|---|---|
| 1 | चीन | 380 टन |
| 2 | रूस | 330 टन |
| 3 | ऑस्ट्रेलिया | 284 टन |
| 4 | कनाडा | 202 टन |
| 5 | USA | 158 टन |
| 6 | घाना | 141 टन |
| 7 | मेक्सिको | 140 टन |
| 8 | इंडोनेशिया | 140 टन |
| 9 | पेरू | 137 टन |
| 10 | उज़्बेकिस्तान | 129 टन |
Published on:
12 Jan 2026 07:01 am
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