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Holika Dahan 2026: महामारी के बाद बदली परंपरा, बैगा के कहने पर यहां दशकों से नहीं जली होलिका… जानें अनसुनी कहानी

Holika Dahan 2026: जहां एक ओर अधिकांश स्थानों पर होलिका दहन की अग्नि प्रज्वलित कर उत्साहपूर्वक उत्सव मनाया जाता है, वहीं कुछ गांव आज भी अपनी अनोखी परंपराओं के कारण इस दिन होलिका दहन नहीं करते, जो इस त्योहार को और भी खास बनाता है।

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महासमुंद

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Khyati Parihar

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विक्रम साहू

Mar 02, 2026

बैगा की मान्यता के कारण गांव में नहीं होता होलिका दहन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

बैगा की मान्यता के कारण गांव में नहीं होता होलिका दहन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Holika Dahan 2026: होली की खुमारी अब चढ़ने लगी है। लोग होलिका दहन के लिए लकड़ियां एकत्रित कर रहे हैं। वहीं महासमुंद से 15 किमी की दूरी पर स्थित गांव मुढ़ेना में पुरानी परंपरा के कारण होलिका दहन नहीं किया जाता है, जबकि होली के दिन रंग और गुलाल एक-दूसरे को लगाते हैं और हर्षोल्लास से पर्व मनाया जाता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

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