
Holi 2026: @यशवंत झारिया। छत्तीसगढ़ में होली सिर्फ रंग-गुलाल लगाकर उत्साह मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि परंपराओं के माध्यम से फागुन के निखरने का त्योहार है। यहां नई-पुरानी पीढिय़ां आधुनिकता के साथ ही पुरानी मान्यताओं की जड़ों की तरह फैली अनेक रीतियों की गवाह हैं। इस आदिवासी राज्य में एक-दो नहीं वरन कई पीढिय़ों से चले आ रहे अनुशासन के भी दर्शन होते हैं। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा, बस्तर अपने आप में ही एक इतिहास लिए हुए क्षेत्र हैं। भले ही पहले संभवत: यहां एकरूपता नहीं दिखी हो, लेकिन आज छत्तीसगढ़ न सिर्फ एक राज्य के तौर पर अपनी परंपराओं को सहेजकर आगे बढ़ रहा हो, बल्कि आपसी आदान-प्रदान और एकता के सूत्र ने राज्य के सभी कोनों को जोड़ दिया है।
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