राजस्थान के झालावाड़ जिले में बदमाशों ने 5 करोड़ की डकैती की वारदात को अंजाम दिया है। नकाबपोश बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर डेढ़ घंटे तक घर में आतंक मचाया। 140 किलो चांदी और 1 किलो सोना लूट ले गए।
झालावाड़। सारोलाकलां कस्बे के झंडा बाजार स्थित सघन आबादी वाले इलाके में शनिवार देर रात फिल्मी अंदाज में हुई सनसनीखेज डकैती की वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने एक सर्राफा कारोबारी के घर धावा बोलकर पूरे परिवार को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया और करीब 140 किलो चांदी के जेवरात, एक किलो सोने के आभूषण तथा लगभग 10 लाख रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए।
वारदात के दौरान बदमाशों ने करीब डेढ़ घंटे तक आतंक मचाया। उन्होंने घर के अंदर महिलाओं का गला दबाया। उनके बाल खींचे और कमरे के अंदर बंद कर दिया। किडनी रोग से पीड़ित बुजुर्ग व्यापारी तक को नहीं बख्शा। घटना रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच की बताई जा रही है। वारदात के बाद रविवार दोपहर झालावाड़ से पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। पीड़ितों से बातचीत की।
पीड़ित सर्राफा व्यवसायी महेश सोनी ने बताया कि उनका तीन मंजिला मकान है। वह पत्नी ऊषा सोनी के साथ मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहे थे, जबकि नीचे पहली मंजिल पर उनकी मां कृष्णा सोनी, बहन नीतू सोनी, भाई आनंद तथा बीमार पिता बद्रीलाल सोनी सो रहे थे। इसी दौरान हथियारों से लैस नकाबपोश बदमाश मकान के अंदर घुस आए और परिजनों को बंधक बनाकर अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया।
बहन नीतू सोनी ने बताया कि बदमाशों ने पिस्तौलनुमा हथियार कनपटी पर तान दिया और गले से दो मंगलसूत्र, सोने की चेन तथा मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की। उसका गला दबाया और बाल पकड़कर घसीटते हुए कमरे में बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि बदमाशों की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष के बीच लग रही थी। सभी ने काले कपड़े से चेहरा ढक रखा था।
मां कृष्णा सोनी ने बताया कि बदमाशों ने उनके किडनी रोग से पीड़ित पति बद्रीलाल सोनी से भी मारपीट की। उन्होंने मानसिक रूप से कमजोर बेटे को छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन बदमाश नहीं माने। इसके बाद बदमाशों ने दूसरे कमरे का ताला तोड़कर दीवार में बनी आलमारी के किवाड़ तोड़ दिए और उसमें 8 पीपों में रखे करीब 140 किलो चांदी के जेवरात, एक किलो सोने के आभूषण तथा 10 लाख रुपए नकद राशि समेट लिए।
महेश की पत्नी ऊषा ने बताया कि नीचे कमरों से चीख पुकार सुनाई देने पर उन्हें लगा कि ससुर की तबीयत बिगड़ गई है। जब दोनों पति-पत्नी नीचे उतरने लगे तो बाहर से गेट की कुंडी बंद मिली। काफी मशक्कत के बाद गेट तोड़कर नीचे पहुंचे तो 4-5 बदमाश हाथों में पीपे लेकर भागते दिखाई दिए। शोर मचाने पर बदमाश अंधेरे में गायब हो गए।
महेश सोनी ने बताया कि घर में रखे आभूषण दुकान के थे। इसके अलावा वे लेनदेन भी करते हैं। कई लोगों ने गहने गिरवी रखकर पैसा ले रखा था। इन गहनों को उन्होंने लोहे के पीपे में भरकर दीवार पर बनी आलमारी में रखे थे। आलमारी पर लकड़ी का किवाड़ था।
बताया जा रहा है कि बदमाश डकैती को अंजाम देने से पहले सामने स्थित एक सूने मकान के ताले तोड़कर वहां छिपे बैठे थे। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि बदमाश पूरी रेकी और योजना बनाकर आए थे। वारदात की सूचना मिलते ही सारोला थानाधिकारी बुद्धराम चौधरी देर रात मौके पर पहुंचे। सुबह डीएसटी, मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
झालावाड़ से पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भी रविवार दोपहर सारोला पहुंचे। उन्होंने मौका मुआयना किया। पीड़ितों से बात की। उन्होंने बताया कि मामले के खुलासे के लिए पूरे जिले की स्पेशल टीमों को लगाया गया है। अलग-अलग टीमें संदिग्धों की तलाश में जुट गई हैं। मोबाइल लोकेशन निकाली जा रही है। गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज तलाशे जा रहे हैं।