
Aban Ahmed FIR: झांसी में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत के बाद उससे जुड़े पुराने मामले फिर चर्चा में हैं। अबान के खिलाफ पहली FIR नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक भड़काऊ रील को लेकर दर्ज हुई थी। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए इसे धमकी और दहशत फैलाने की कोशिश माना और धूमनगंज थाने में मामला दर्ज किया था। यह अबान के खिलाफ दर्ज पहली प्राथमिकी थी, जिसके बाद वह प्रदेशभर में सुर्खियों में आ गया था।
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में इस्तेमाल किए गए संवाद को धमकी और दहशत फैलाने वाला माना गया। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में इस्तेमाल किए गए डायलॉग को लेकर कयास लगाए गए कि अतीक अहमद के परिवार की पुरानी छवि को फिर से जिंदा करने की कोशिश की जा रही है। वीडियो में सुनाई दे रहा था कि सामने वाले को हमसे क्या मिलेगा, ये उसकी औकात बताएगी। हम दिल भी रखते हैं और असलहा भी। हम कुत्तों की तरह पीछे से वार नहीं करते, सामने से फाड़ते हैं। तूफान और हम जब भी आते हैं, मां कसम फाड़ के जाते हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जांच के बाद विधिक कार्रवाई की।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद नाबालिग होने के कारण अबान को बाल सुधार गृह भेजा गया था। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे परिजनों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया। इसके बाद भी वह समय-समय पर अलग-अलग वजहों से सुर्खियों में रहा। नवंबर 2025 में एक शादी समारोह का करीब 30 सेकेंड का उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
वीडियो में वह लोगों के साथ डिनर करता और गाड़ियों के काफिले के बीच नजर आ रहा था। बैकग्राउंड में कथित तौर पर धमकी भरे संवाद सुनाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी।
अबान, अतीक अहमद और शाइस्ता परवीन का सबसे छोटा बेटा था। अतीक के पांच बेटों में सबसे बड़े उमर और दूसरे नंबर के अली जेल में बंद हैं। अबान के खिलाफ दर्ज यह पहली एफआईआर थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल कथित भड़काऊ रील के मामले में हुई थी। यह मामला उसकी पहचान से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा।
माफिया अतीक अहमद की मौत के बाद उसका परिवार पूरी तरह बिखर चुका है। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार है और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। सबसे बड़ा बेटा उमर अपहरण और देवरिया जेल कांड में लखनऊ जेल में बंद है, जबकि दूसरा बेटा अली रंगदारी और हत्या के प्रयास के मामलों में प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। तीसरे बेटे असद को अप्रैल साल 2023 में उमेश पाल हत्याकांड के बाद झांसी में एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
चौथे बेटे अहजाम को माता-पिता के फरार होने और अतीक-अशरफ की हत्या के बाद बाल सुधार गृह भेजा गया था। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे उसकी बुआ की अभिरक्षा में सौंप दिया गया। वहीं, सबसे छोटे बेटे अबान की झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई। कभी अपराध और राजनीति में दबदबा रखने वाले अतीक अहमद के परिवार की आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। परिवार का एक सदस्य फरार है, दो बेटे जेल में हैं, जबकि अतीक, उसका भाई अशरफ और दो बेटों की मौत हो चुकी है।