Jhansi News : झांसी के शहर कोतवाली क्षेत्र में बच्चा चोर समझे जाने की गलतफहमी में युवक घबरा गया और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। पुलिस जांच में मामला अफवाह निकला, युवक गंभीर रूप से घायल।
Jhansi News :झांसी के शहर कोतवाली इलाके से एक सामने आई है, जहां एक गलतफहमी के चलते एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। डडियापुरा की मां दुर्गा कॉलोनी में शुक्रवार शाम पुलिस और भीड़ से घबराकर युवक ने घर की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पड़ोस में रहने वाली वर्षा साहू का 10 साल का दिव्यांग बेटा घर के बाहर खेल रहा था। वर्षा ने बताया कि उनका बेटा बोल और सुन नहीं सकता। कॉलोनी में ही विनोद कुशवाहा के मकान में कुछ युवतियां किराए पर रहती हैं जो शादी के समारोहों में काम करती हैं। उनसे मिलने के लिए एक युवक वहां आया हुआ था। शुक्रवार सुबह भी वह युवक बच्चे के साथ खेलता दिखा था, लेकिन शाम को जब बच्चा घर से कुछ दूरी पर था, तब युवक उसे गोद में उठाकर टहलाने लगा। अनजान युवक के हाथ में बच्चा देख मां और आसपास के लोगों को शक हुआ कि वह उसे ले जा रहा है। शोर माचते ही लोग वहां जमा हो गए और युवक को बच्चा चोर समझकर पकड़ने की कोशिश करने लगे।
भीड़ का गुस्सा देखकर युवक बुरी तरह घबरा गया। अपनी जान बचाने के लिए वह भागकर अपने दोस्त के कमरे में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी । जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, युवक का डर दोगुना हो गया। उसे लगा कि कहीं भीड़ या पुलिस उसके साथ कुछ गलत ना कर दे। इसी घबराहट में वह तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और पीछे की ओर कूद गया। जमीन पर गिरते ही वह लहूलुहान हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
मामले की जांच कर रहे कोतवाली थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि यह पूरी घटना सिर्फ एक गलतफहमी थी। युवक वास्तव में अपने परिचितों से मिलने आया था और सिगरेट लेने दुकान की तरफ जाते समय बच्चे को दुलारने लगा था। स्थानीय लोगों ने उसे पहचाना नहीं और बच्चा चोर समझकर शोर मचा दिया। समय रहते उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसके परिजन उसे अपने साथ ले गए। पुलिस ने साफ किया है कि युवक का कोई आपराधिक इरादा नहीं था,वह केवल भीड़ को देखकर घबरा गया, मानसिक संतुलन खो बैठा और डर के मारे यह कदम उठा लिया।