झांसी

EMI नहीं दी तो उठा ले गए पत्नी! झांसी में बैंक कर्मचारियों की गुंडागर्दी, चौंकाने वाला है मामला

Jhansi Bank Case News: झांसी के मोंठ थाना क्षेत्र में एक महिला को कथित रूप से EMI नहीं चुकाने पर प्राइवेट बैंक कर्मचारियों द्वारा बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता के पति ने 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी, जिसके बाद महिला को मुक्त कराया गया।
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Aug 02, 2025
emi default wife held hostage private bank jhansi case
EMI नहीं दी तो उठा ले गए पत्नी! Image Source - Social Media

EMI default wife held hostage private bank jhansi case: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने बैंकिंग सिस्टम और कर्ज वसूली की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोंठ थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट बैंक के कर्मचारियों पर महिला को जबरन ऑफिस में बैठाकर बंधक बनाने का आरोप लगा है।

पूरा मामला उस वक्त उजागर हुआ जब महिला के पति ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने महिला को मुक्त कराया और बैंक कर्मियों से पूछताछ की।

महिला को घंटों बैठाकर रखा

पीड़ित महिला के पति रविंद्र वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार दोपहर 12 बजे के आसपास उनकी पत्नी पूजा वर्मा को गांव बम्हरौली के आज़ाद नगर मोहल्ले में स्थित एक प्राइवेट समूह लोन बैंक में बुलाया गया। जब वे लोग पहुंचे तो बैंक कर्मियों ने उन्हें साफ शब्दों में कहा कि जब तक बकाया किस्त की रकम जमा नहीं होगी, तब तक उनकी पत्नी को नहीं छोड़ा जाएगा।

रविंद्र वर्मा ने यह भी दावा किया कि बैंक वालों ने कहा "पहले पैसे दो, फिर पत्नी को ले जाओ।" इस कथित व्यवहार के चलते उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस सहायता ली। पुलिस मौके पर पहुंची तो बैंककर्मियों ने महिला को तुरंत छोड़ दिया।

महिला का आरोप: एजेंटों ने किस्त की रकम हड़प ली

पूजा वर्मा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उन्होंने बैंक से 40,000 रुपये का पर्सनल लोन लिया था, जिसकी मासिक किश्त 2,120 रुपये है। उन्होंने अब तक 11 किश्तें जमा कर दी हैं, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में केवल 8 किस्तें ही दर्शाई जा रही हैं।

महिला ने बैंक के दो एजेंट कौशल और धर्मेंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने तीन किश्तों की रकम अपने पास रख ली और बैंक में जमा नहीं की। इससे महिला और उसका परिवार मानसिक तनाव में आ गया।

बैंक मैनेजर की सफाई: महिला खुद बैठी थी, जबरदस्ती नहीं की

इस पूरे मामले पर बैंक मैनेजर अनुज कुमार, जो कि कानपुर देहात के निवासी हैं, ने कहा कि पूजा वर्मा पिछले 7 महीने से लोन की किश्त जमा नहीं कर रही थीं। इस वजह से उन्हें बैंक बुलाया गया था। अनुज कुमार ने यह भी दावा किया कि महिला अपने पति के साथ आई थी और बैंक में स्वेच्छा से बैठी थी, उसे किसी भी प्रकार से जबरन नहीं रोका गया।

पुलिस की मध्यस्थता से हुआ दोनों पक्षों में समझौता

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को बाहर निकालकर कोतवाली मोंठ ले गई। वहीं दोनों पक्षों से बयान लिए गए। पूजा वर्मा ने लिखित शिकायत दी और अपनी आपबीती पुलिस को बताई।

पुलिस ने बैंक कर्मचारियों को भी बयान के लिए बुलाया और समझौता कराने की कोशिश की। फिलहाल दोनों पक्षों में आपसी सहमति से राजीनामा हो गया है।

Updated on:
02 Aug 2025 11:19 am
Published on:
02 Aug 2025 11:19 am