झांसी

दहेज के 10 लाख रुपए लेकर शादी से पहले फरार आर्मी वाला दूल्हा, दुल्हन बोली- अब मैं क्या करूं?

Jhansi army soldier dowry case : झांसी में एक आर्मी के एक जवान शादी तोड़ दी। जवान दहेज के 10 लाख रुपए लेकर फरार हो गया। अब प्रेमिका उसे ढूंढ़ रही है।
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Mar 10, 2026
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पीड़ित युवती ने एसएसपी से की शिकायत, Pc- Patrika

झांसी : मेरी 11 मार्च को शादी थी। दूल्हे ने शादी तोड़ दी… सारे कार्ड बंट चुके हैं। पूरी तैयारी हो गई थी। लेकिन, ऐन वक्त पर दूल्हे ने मना कर दिया। उसने मुझे व्हाट्सएप पर यह मैसेज किया कि वह शादी नहीं करेगा। उसने यह भी नहीं बताया कि आखिर क्यों वह शादी नहीं करना चाह रहा। मेरी एक साल पहले उसके साथ सगाई हुई थी। बात भी होती थी…लेकिन अब उसने एकदम से रिश्ता तोड़ दिया।

युवती की कहना है कि, 'दहेज के लिए दूल्हे ने शादी से 10 लाख रुपए भी लिए थे। वह खुद को आर्मी में बताता था और अपनी तैनाती राजस्थान के अलवर के आसपास बताता था। लेकिन, अब वह कहीं मिल नहीं रहा है। मैंने सब जगह उसे ढूंढ़ लिया।'

इस घटना के बाद पीड़ित युवती अपनी मां के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची और कार्रवाई की मांग करते हुए उसी युवक से शादी कराए जाने की गुहार लगाई। मामला चिरगांव थाना क्षेत्र के मुडेई गांव का है।

पीड़िता की मां गीता देवी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में एक बिचौलिए के माध्यम से अपनी बेटी ममता कुशवाहा का रिश्ता चिरगांव के ही पालर गांव निवासी रविकांत उर्फ गोलू से तय किया था, जो खुद को आर्मी में तैनात बताता था। आरोप है कि रविकांत के पिता लक्ष्मी प्रसाद ने शादी के लिए 14 लाख रुपये दहेज की मांग की थी, जिसे मजबूरी में परिवार ने मान लिया।

10 अप्रैल 2025 को दोनों की सगाई कर दी गई। ममता के परिवार का कहना है कि सगाई के दौरान 10 लाख रुपये नकद, सोने की चेन और अंगूठी दहेज के रूप में दी गई थी। समारोह में लड़के पक्ष के करीब ढाई सौ लोग शामिल हुए थे और परंपरा के अनुसार सभी को पांव पखराई के रूप में 200-200 रुपये भी दिए गए। उसी समय दोनों की शादी की तारीख 11 मार्च 2026 तय हुई थी।

सगाई के बाद दोनों की फोन पर होती थी बात

ममता ने बताया कि सगाई के बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती रही और सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन 28 फरवरी को रविकांत ने अचानक व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर कहा कि वह यह शादी नहीं करेगा। इसके बाद उसने फोन उठाना और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया।

पीड़िता की मां का कहना है कि जब उन्हें पता चला कि लड़का आर्मी में नौकरी करता है तो उन्होंने उसकी बड़ी रकम की मांग मान ली। बेटी की शादी के लिए उन्होंने अपनी दो बीघा जमीन गिरवी रखकर ब्याज पर पैसे जुटाए थे। अब लड़के के मुकर जाने से परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट में फंस गया है।

11 मार्च को आनी थी बारात

परिजनों के अनुसार 11 मार्च को बारात आने वाली थी और शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदारों और परिचितों को निमंत्रण कार्ड भी बांट दिए गए थे। लेकिन ऐन वक्त पर शादी टूटने से पूरा परिवार परेशान है।

ममता ने यह भी बताया कि रविकांत ने खुद को राजस्थान के अलवर में तैनात बताया था। जब उसने शादी से इनकार किया और फोन बंद कर लिया तो वह उसे तलाशने के लिए अलवर तक पहुंच गई, लेकिन वहां भी उसका कोई पता नहीं चला।

पैसे वापस ले लो …लड़की की शादी कहीं और कर दो

पीड़ित परिवार का कहना है कि जिस बिचौलिए ने यह रिश्ता तय कराया था, उसकी अब मौत हो चुकी है। जब वे लड़के के घर पहुंचे तो उसके पिता ने कहा कि सगाई में दिए गए 10 लाख रुपये में से पांच लाख वापस ले लो और लड़की की कहीं और शादी कर दो। हालांकि ममता और उसके परिवार ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और न्याय की मांग की है।

Updated on:
10 Mar 2026 06:12 pm
Published on:
10 Mar 2026 06:12 pm