
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रेलवे की अनोखी पहल: बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन महिला क्रू के हाथ (फोटो सोर्स : झांसी रेलवे WhatsApp News Group)
Women Day Celebration: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय रेलवे ने महिला सशक्तिकरण का एक अनोखा और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। झांसी मंडल में महिलाओं की क्षमता और नेतृत्व को सम्मान देने के उद्देश्य से बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन पूरी तरह महिला क्रू को सौंपा गया। झांसी से ग्वालियर के बीच चली इस ट्रेन में लोको पायलट से लेकर ट्रेन मैनेजर तक सभी जिम्मेदारियां महिलाओं ने संभाली, जिससे यात्रियों को महिला शक्ति की शानदार झलक देखने को मिली। इस विशेष पहल के तहत भारतीय रेल ने यह संदेश दिया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और अपनी योग्यता व मेहनत के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
इस विशेष अवसर पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह महिला कर्मचारियों को दी गई। ट्रेन की कमान लोको पायलट दीप्ति के हाथों में रही, जबकि उनके साथ असिस्टेंट लोको पायलट के रूप में कौशल्या देवी ने जिम्मेदारी निभाई।
ट्रेन के संचालन के दौरान स्टेशन से ट्रेन को रवाना करने की जिम्मेदारी ट्रेन मैनेजर (गार्ड) अंजलि परमार ने निभाई। उन्होंने झांसी स्टेशन से बुंदेलखंड एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नजारा स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण था। यात्रियों ने भी महिला क्रू के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
यह विशेष ट्रेन झांसी से ग्वालियर के बीच चलाई गई, जहां पूरे मार्ग में महिला क्रू ने पूरी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ ट्रेन का संचालन किया। ट्रेन के सुचारू संचालन ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी कुशलता के साथ निभाने में सक्षम हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल महिला दिवस का उत्सव मनाना ही नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी था कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
ट्रेन में यात्रा कर रहे कई यात्रियों ने इस पहल को सराहनीय बताया। यात्रियों का कहना था कि महिला क्रू को ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी देना नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यात्रियों ने कहा कि इससे समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और विश्वास की भावना मजबूत होती है और युवा पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती है।
रेलवे लंबे समय से महिलाओं को विभिन्न पदों पर अवसर देने की दिशा में काम कर रहा है। आज रेलवे में महिला कर्मचारी लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, तकनीकी स्टाफ, टिकट परीक्षक और प्रशासनिक पदों पर भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस तरह की पहलें महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी देती हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में समान रूप से सक्षम हैं।
लोको पायलट का कार्य काफी जिम्मेदारी और सतर्कता से जुड़ा होता है। ट्रेन को सुरक्षित तरीके से चलाना, सिग्नल और गति का ध्यान रखना तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियां होती हैं। इसके बावजूद महिलाएं इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी अपनी दक्षता और मेहनत के दम पर सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। लोको पायलट दीप्ति और असिस्टेंट लोको पायलट कौशल्या देवी ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि महिलाएं किसी भी जिम्मेदारी को पूरी क्षमता के साथ निभा सकती हैं।
Updated on:
08 Mar 2026 12:32 pm
Published on:
08 Mar 2026 12:02 pm
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