
Jhansi Lucknow Intercity: झांसी से लखनऊ जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में बुधवार सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब ट्रेन के एक जनरल कोच में अचानक धुआं दिखाई देने लगा। यात्रियों ने धुएं को आग का संकेत समझ लिया और जैसे ही ट्रेन उरई रेलवे स्टेशन पहुंची, तीन डिब्बों के यात्री घबराकर नीचे उतरने लगे। बाद में जांच में पता चला कि ट्रेन में आग नहीं लगी थी, बल्कि एक यात्री के धक्का लगने से एक्सटिंगुइशिंग सिस्टम एक्टिव हो गया था, जिससे धुआं निकला।
जानकारी के मुताबिक, झांसी-लखनऊ इंटरसिटी बुधवार सुबह करीब 8:01 बजे अजनारी रेलवे क्रासिंग और उरई रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। इसी दौरान किसी यात्री का धक्का लगने से ट्रेन का एक्सटिंगुइशिंग सिस्टम चालू हो गया। सिस्टम के सक्रिय होते ही पीछे की ओर स्थित जनरल कोच में धुआं फैलने लगा। अचानक डिब्बे में धुआं देखकर यात्रियों को लगा कि कहीं आग तो नहीं लग गई। इसके बाद कोच में बेचैनी बढ़ गई और यात्रियों के बीच तरह-तरह की बातें होने लगीं।
जब ट्रेन उरई रेलवे स्टेशन पहुंची तो स्थिति और घबराहट वाली हो गई। आग लगने की आशंका में तीन डिब्बों के यात्री ट्रेन से नीचे उतरने लगे। कुछ यात्री इतने घबरा गए कि उन्होंने ट्रेन छोड़कर बस से आगे जाने का फैसला कर लिया। मामले की जानकारी मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने यात्रियों को शांत कराया और जनरल कोच की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आग जैसी कोई स्थिति नहीं थी।
रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा टीम ने जनरल कोच में पहुंचकर एक्टिव हुए एक्सटिंगुइशिंग सिस्टम को बंद किया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और यात्रियों को बताया गया कि ट्रेन में आग नहीं लगी है। रेलवे स्टेशन प्रबंधक राजीव कौशिक के मुताबिक, आग लगने की अफवाह के कारण कुछ यात्री ट्रेन से उतर गए थे। कुछ लोग बस से आगे रवाना हो गए। करीब 20 मिनट तक ट्रेन उरई स्टेशन पर खड़ी रही, जबकि इस इंटरसिटी ट्रेन का निर्धारित ठहराव महज दो मिनट का है। जांच पूरी होने और स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद ट्रेन को लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया।
इस घटना में सबसे ज्यादा परेशानी अचानक फैली अफवाह और यात्रियों की घबराहट के कारण हुई। एक सामान्य तकनीकी घटना को यात्रियों ने आग लगने की स्थिति समझ लिया, जिसके बाद कुछ ही देर में तीन कोच खाली होने लगे। हालांकि रेलवे और सुरक्षा बलों की तत्परता से स्थिति को जल्द संभाल लिया गया। जांच में आग नहीं मिलने के बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। घटना ने यह भी दिखाया कि चलती ट्रेन में अचानक धुआं दिखाई देने पर यात्रियों के बीच कितनी तेजी से अफवाह और घबराहट फैल सकती है।