
झांसी. सन् 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त तीन साल के अंदर बुंदेलखंड राज्य बनवा देने का ऐलान करना भाजपा नेताओं को अब भारी पड़ता नजर आ रहा है। जैसे-जैसे समय गुजर रहा है, वैसे-वैसे पृथक बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा जोर पकड़ने लगा है। एक बार फिर यहां बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं केंद्रीय मंत्री व झांसी से सांसद उमा भारती के प्रति आंदोलनकारियों ने अपने गुस्से का इजहार कर दिया। उन्होंने यहां कचहरी चौराहे के नजदीक भारी संख्या में तैनात पुलिस को चकमा देकर तीनों नेताओं के पुतले फूंक दिए। बाद में पुलिस लाठियों से इन लोगों को फटकार कर कंबल के जरिए पुतलों की आग बुझाती नजर आई।
वोट नहीं देने की ली सौगंध-
इस अवसर पर बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा की ओर से कचहरी चैराहे पर नुक्कड़ सभा की गई। इसमें सभी वक्ताओं ने बुन्देलखण्डवासियों से आग्रह किया कि बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के मामले में वादा खिलाफी करने वालों के प्रति कठोर रूख अपनाते हुये 2019 में सौगन्ध लें कि इन्हें वोट न दिया जाए। इसमें अधिकांश वक्ताओं ने कहा कि अब जनप्रतिनिधियों से विश्वास उठता जा रहा है क्योंकि ये बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के भावनात्मक मुद्दे को मात्र चुनाव में वोट लेने के लिये इस्तेमाल करते हैं और चुनाव बाद निजी स्वार्थ में लिप्त होकर वे सारे कार्य करने में लग जाते हैं जिससे धनार्जन हो।
पुलिस रही तैनात-
इस अवसर पर कहा गया कि ये तो बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि तीन साल के भीतर राज्य निर्माण करा देने का वायदा 5 साल पूरे होने के पास भी वायदा ही बना हुआ है। प्रातः से ही तीन पुतले फूंके जाने की तैयारी की खबर पाकर कचहरी चौराहे पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इतना ही नहीं, चारों रास्तों पर सीओ सिटी के नेतृत्व में बज्र वाहन सहित सिविल ड्रेस में भी पुलिस कर्मी तैनात कर दिये गये। उधर, बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा ने भी इस चुनौती को स्वीकार करते हुये पुलिस से दो-दो हाथ कर तीनों पुतले एक साथ जलाने की अपनी घोषणा में काम करना शुरू किया। इसी बीच बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के वरूण अग्रवाल, प्रदीप झा, नरेश वर्मा, उत्कर्ष साहू, बृजेश राय, मकबूल सिद्दीकी आदि ने पुलिस को चकमा देकर चिन्हित स्थान पर घोषणानुसार पुतलों को आग लगा दी। बाद में जलते पुतले को पुलिस बल ने लाठी मार-मारकर आग बुझाने का प्रयास किया।
ये लोग रहे उपस्थित-
इस अवसर पर अशोक सक्सेना, दिनेश भार्गव बुन्देलखण्ड मुक्ति मोर्चा महासचिव, हमीदा अंजुम, रघुराज शर्मा प्रवक्ता, गिरिजा शंकर राय, हनीफ खान, देवी सिंह कुशवाहा, सीडी लिटौरिया, कुअंर बहादुर आदिम, प्रभु दयाल कुशवाहा, रिजवाना गौरी, माकूल, प्रदीप झा, विकासपुरी, बृजेश राय, नरेश वर्मा, जितेन्द्र भदौरिया, रामजी सिंह पारीछा, बीआर निषाद बट्टा गुरू, अरविन्द श्रीवास्तव, रोहित सिंह पारीछा, दुलीचन्द्र कुशवाहा, प्रेम सपेरे, राकेश श्रीवास्तव, बंटी दुबे, शंकर रायकवार, लाल सिंह, रूपेश, अरूण रायकवार, धर्मेन्द्र शाक्या, रामदास शाक्या, गोविन्द सोनकर, जाकिर खान, रशीद कुरैशी, विपिन वर्मा, रवि वर्मा, रेखा साहू, शबीना वासु, आसिफ खान, आदि उपस्थित रहे।