pregnant woman torture in Jhansi: झांसी में एक बार फिर दहेज के जाल में फंसकर एक बेगुनाह महिला की जान चली गई। मां बनने का सपना संजोए प्रियंका के साथ उसके ससुराल वालों ने ऐसा क्या किया कि उसकी जिंदगी का दीया बुझ गया? क्या दहेज के लिए एक मासूम बच्चे को भी नहीं बख्शा गया? आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना के बारे में।
pregnant woman torture in Jhansi: झांसी में एक बार फिर दहेज के लिए एक निर्दोष महिला की जान चली गई। मोंठ के कुरयाना निवासी देवीदयाल वर्मा की बेटी प्रियंका वर्मा की शादी 18 फरवरी, 2022 को ग्वालियर रोड के महेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी आकाश वर्मा से हुई थी। शादी के बाद से ही प्रियंका को उसके ससुराल वालों द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
पिता देवीदयाल के अनुसार, आकाश और उसके परिवार वाले लगातार प्रियंका से दो लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग करते थे। उनकी मांग पूरी न होने पर प्रियंका को अक्सर मारा पीटा जाता था। 26 जुलाई को इस यातना का आखिरी पड़ाव तब आया जब आकाश ने प्रियंका के पेट में लात मारी जिससे उसका गर्भपात हो गया। गंभीर हालत में प्रियंका को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां 27 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति आकाश, सास कौशल्या देवी, सोनू, छाया, कमलेश, दीपिका, मोनू, नैना और ललित कुमार वर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी (दहेज हत्या) और 498ए (दहेज उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।