सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों के बाद, हाईवे किनारे बने अवैध मकान, दुकान और ढाबों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने ऐसे भवनों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने बिना अनुमति के निर्माण कर लिया है। इन भवनों को लेकर आने वाले दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है।
Jhansi News: हाईवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने सड़क निर्माण विभागों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। हाईवे किनारे एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की अनुमति के बिना बने भवनों पर कार्रवाई करने और उससे अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर ऐसे भवनों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
हाईवे पर अधिकतर लोगों ने दुकान, मकान और ढाबे तो बना लिए, लेकिन आने-जाने के लिए संपर्क मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की है। इससे यहां आने वाले वाहन दुकान, मकान से निकलने के बाद सीधे सड़क पर आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे वाहनों से वह टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इसके बाद सड़क पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया जाता है।
बढ़ती दुर्घटनाओं के कारणों को परखने और उस पर अंकुश लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पर अमल करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने झांसी से कानपुर जाने वाले हाईवे पर ऐसे भवनों, दुकानों व ढाबों को चिह्नित करते हुए उनकी फोटो खिंचवा ली है, जिन्होंने अनुमति लिए बिना ही भवन बना लिए हैं। सामने अप्रोच सड़क न बनाकर सीधे मुख्य सड़क से जोड़ लिया है।
एनएचएआई के परियोजना अधिकारी सुनील कुमार जैन ने बताया कि विभाग से अनुमति लिए बिना जितने भी हाईवे किनारे मकान, दुकान, ढाबे और अन्य चीजें बनी हैं, उनको नोटिस जारी किए जा रहे हैं। तय अवधि में नियमानुसार आवेदन दाखिल करके जो लोग अनुमति नहीं लेंगे, तो पहले उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद उनके अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया जाएगा।