झुंझुनू

राजस्थान में यहां धरती से निकला इतिहास का खजाना, 4500 साल पुरानी सभ्यता के मिले प्रमाण; पहली बार घर के अवशेष भी आए सामने

Bansiyal Archaeological Discovery: राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर बांसियाल गांव में इतिहास की धड़कनें फिर सुनाई दी हैं।
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Nov 26, 2025
उत्खनन में मिले साढ़े चार हजार साल पुरानी सभ्यता के प्रमाण। फोटो: पत्रिका

Ancient Civilization Found In Rajasthan: झुंझुनूं। राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर बांसियाल गांव में इतिहास की धड़कनें फिर सुनाई दी हैं। यहां लगभग साढ़े चार हजार साल पुरानी सभ्यता के प्रमाण मिले हैं। उत्खनन में लाइम पाउडर से बनी दीवारें, तांबे की रिंग, हड्डी के औजार और आभूषण जैसी सामग्री सामने आई है, जो एक उन्नत जीवन का संकेत देती है।

पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थल ताम्र पाषाणिक संस्कृति से जुड़ा है। यहां के लोग हड़प्पा सभ्यता से व्यापार करते थे। इसके साथ ही गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के अन्य इलाकों से भी रिश्ते थे। प्रारंभिक अंतर-सांस्कृतिक संपर्कों का यह केंद्र गणेश्वर सभ्यता का हिस्सा माना जा रहा है, यह हड़प्पा सभ्यता के समय के आस-पास की मानी जा रही है।

गौरतलब है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की अनुमति से दीर्घकालिक अनुसंधान परियोजना के तहत उत्खनन किया जा रहा है। यहां 4 साल से सर्वे का काम चल रहा था। सर्वे पूरा होने के बाद अक्टूबर में उत्खनन शुरू किया गया था।

कचरे को गड्ढे में दबा कर रखते थे

बस्ती के निकट ही गोलाकार गड्ढे में कचरे का निस्तारण करते थे। इन गड्ढों में हड्डी और मिट्टी के बर्तनों के अवशेष मिले हैं। खास बात यह है कि यह लोग कचरा पात्र को भी ढककर रखते थे। उत्खनन में कार्नेलियन पत्थर से बने मनके मिले हैं। ऐसे मनके गुजरात में मिलते थे। इससे साफ है कि ये लोग गुजरात से व्यापार करते थे।

पहली बार घर के अवशेष भी मिले

शोधकर्ता डॉ. ईशा प्रसाद और डॉ. श्वेता सिन्हा देशपांडे ने बताया कि बांसियाल में पहली बार बस्ती के भीतर की संरचनाओं के साक्ष्य मिले हैं, जहां स्पष्ट कुटी (झोपड़ी) की रूपरेखा और उससे जुड़ा प्लेटफॉर्म सामने आया है। यह खोज प्राचीन घरेलू वास्तुकला और बस्ती संगठन की नई समझ देती है। तांबे की वस्तुएं, कार्नेलियन-स्टीटाइट के मनके व लाल रंग वाले मृद्भांड (सेरेमिक) मिले हैं। मिट्टी के बर्तनों पर हैंडल भी मिले हैं।

Updated on:
26 Nov 2025 05:01 pm
Published on:
26 Nov 2025 07:35 am
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