
झुंझुनूं। मंडावा तहसील के गांव पीपल का बास निवासी भारतीय वायुसेना में (अग्नीवीर) जवान 22 वर्षीय आर्यन झाझड़िया का बुधवार को उनके पैतृक गांव सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आर्यन का बीते 5 जुलाई को चेन्नई में एयरफोर्स स्टेशन के स्विमिंग पूल में नहाते समय उनका पैर फिसलने कारण पानी में डूबने से निधन हो गया था। आर्यन अविवाहित और घर के इकलौता बेटे थे। एयर फोर्स के अधिकारियों ने सोमवार को आर्यन के पिता भागीरथ सिंह को घटना की सूचना दी थी।
बुधवार सुबह सवा दस बजे आर्यन की पार्थिव देह मंडावा में अंबेडकर भवन पहुंची। वहां से आर्यन के घर तक उनके सम्मान में तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में डीजे व मोटर साईकिलों पर सवार युवकों ने तिरंगा लहराते हुए देश भक्ति के नारे लगाते हुए पीपल का बास पहुंचे। पार्थिव देह घर पहुंचते ही गांव व मंडावा क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन कर मां सरोज देवी व दादी अणची देवी बेसुध हो गईं। वहीं बड़ी बहन पूनम का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अंतिम संस्कार में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित हजारों लोग शामिल हुए। मंडावा विधायक रीटा चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, भाजपा नेता प्यारेलाल ढूकिया, पूर्व प्रधान गिरधारी लाल खीचड़, शिक्षाविद हरलाल सिंह मोगा, पूर्व जिला कांग्रेसाध्यक्ष सज्जन मिश्रा, मंडावा तहसीलदार डॉ. सुरेन्द्र भास्कर, एएसआई संजीव मील, पूर्व पालिकाध्यक्ष नरेश सोनी, सज्जन पूनियां, अमित मीणा सहित अनेक लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित करके अग्निवीर आर्यन को श्रद्धांजलि दी। वायुसेना के अधिकारियों ने पिता भागीरथ को तिरंगा सौंपा। वायुसेना के जवानों ने नम आंखों के बीच गार्ड ऑफ ऑनर व सैन्य सम्मान के साथ आर्यन को अंतिम विदाई दी।
आर्यन का जन्म 14 जुलाई 2004 को हुआ था। ऐसे में जन्मदिन घर पर मनाने के लिए आर्यन 14 जुलाई को घर आने वाला था। लेकिन जन्मदिन से पहले ही तिरंगा में लिपटकर आर्यन का शव घर पहुंचा। आर्यन का परिवार संगरिया (हनुमानगढ़) में रहता है। पिता ट्रेवल्स का काम करते हैं। आर्यन के चाचा विजेंद्र झाझड़िया का एक लड़का सौरभ भी एयरफोर्स में है व दूसरा लड़का आर्मी में अग्निवीर के तहत देश सेवा में लगा हुआ है।
आर्यन करीब ढाई साल से अग्निवीर के रूप में सेवा दे रहे थे। उनकी पहली पोस्टिंग फरवरी 2024 में कर्नाटक के बेलगाम में हुई थी। 20 अप्रेल 2026 से चेन्नई (तमिलनाडु) में अवाड़ी वायुसेना स्टेशन पर तैनात थे। 2 महीने पहले वे छुट्टी लेकर वे पैतृक गांव पीपल का बास आए थे और परिवार के साथ समय बिताकर वापस बाद चेन्नई लौट गए थे।