झुंझुनू

24 साल बाद कैप्टन नंदराम यादव की प्रतिमा से हटा पर्दा, खुद ने बनवाई थी, पिछले साल हुआ निधन

शिमला कस्बे के बस स्टैंड पर पिछले 24 वर्षों से कपड़े में लिपटी शौर्य चक्र विजेता कैप्टन नंदराम यादव की प्रतिमा पर से आखिरकार मंगलवार को पर्दा हटाया गया है। प्रतिमा का समारोह पूर्वक अनावरण किया गया।
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Updated: 22 Feb 2023, 12:26 PM IST
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खेतड़ी (झुंझुनूं )। शिमला कस्बे के बस स्टैंड पर पिछले 24 वर्षों से कपड़े में लिपटी शौर्य चक्र विजेता कैप्टन नंदराम यादव की प्रतिमा पर से आखिरकार मंगलवार को पर्दा हटाया गया है। प्रतिमा का समारोह पूर्वक अनावरण किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. जितेंद्र सिंह थे। अध्यक्षता मूर्तिकार मातूराम वर्मा ने की।

प्रतिमा खुद कैप्टन नंदराम यादव ने अपने खर्चे पर बनवाई थी। युद्ध के पश्चात तत्कालीन भारत सरकार ने ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया कि शौर्य पदक मिलने वाले सैनिकों का उनके गांवों में स्मारक बनाया जाए। इस पर 1998 में बस स्टेण्ड शिमला पर ग्राम पंचायत ने जमीन उपलब्ध करवाई तथा उन्होंने स्वयं के निजी खर्चे पर 48 हजार रुपए में अपनी मूर्ति बनाकर इस स्मारक पर लगवाई।

कैप्टन के पुत्रों ने बताया कि शौर्य पदक मिलने के साथ उन्हे सरकार ने गंगानगर जिले के विजय नगर तहसील में 12.50 हेक्टयेर भूमि आवंटित की थी। साथ यह भी विकल्प था कि यदि जवान चाहे तो भूमि गांव में मिल सकती है। उन्होंने विजयनगर से जमीन न लेकर शिमला गांव में जमीन लेने के लिए विकल्प पत्र भी भर दिया था। परन्तु आज तक उन्हे जमीन नहीं मिली है। कैप्टन नंदराम का निधन 87 वर्ष की आयु में 19 सितंबर 2021 में हो गया।

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