महिला ने कहा, आप फरिश्ते हो
सुषमा ने राजस्थान पत्रिका को फोन पर बताया कि जब वह वतन लौटने लगी, तो तुर्की की एक महिला ने उसे दुलारा और कहा कि आप हमारे लिए फरिश्ते से कम नहीं हो। संकट में अपना देश छोड़कर हमें बचाने चली आई, हम और हमारी आने वाली पीढ़ी भारत और आपकी पूरी टीम का अहसान हमेशा याद रखेंगी। इतना कहते ही महिला की आंखें भर आईं।