झुंझुनू

राजस्थान उपचुनाव को लेकर आयोग ने तैयारियां की पूरी, दिल्ली कार्यालय से अधिकारी देखेंगे लाइव

Jhunjhunu News: सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,938 मतदान केन्द्रों में से 1,122 केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। वेबकास्ट लाइव फीड का विश्लेषण करने और उस पर सकारात्मक कार्रवाई करने के लिए विधानसभा क्षेत्र व पुलिस स्टेशन स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है।

2 min read
Nov 05, 2024

Rajasthan By-Election 2024: उप चुनाव के दौरान बूथ पर किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। अत्याधुनिक तीसरी आंख इस पर नजर रखेगी। खास बात यह है कि इसे दिल्ली में बैठे निर्वाचन आयोग के अधिकारी, राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, संबंधित जिलों के निर्वाचन अधिकारी व संबंधित आरओ इसे लाइव देख सकेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव 2023 की तुलना में झुंझुनूं में ऐसे केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर 145 की गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में इनकी संख्या 129 थी। विधानसभा क्षेत्र में कुल 263 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। वहीं पूरे राजस्थान के सभी 7 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भय तथा प्रलोभन रहित मतदान के लिए आधे से अधिक मतदान केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था रहेगी। सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,938 मतदान केन्द्रों में से 1,122 केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। वेबकास्ट लाइव फीड का विश्लेषण करने और उस पर सकारात्मक कार्रवाई करने के लिए विधानसभा क्षेत्र व पुलिस स्टेशन स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी रामावतार मीणा ने बताया कि उप चुनाव में 145 केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी।

गड़बड़ी मिलते ही दे सकेंगे तुरंत निर्देश


लाइव वेबकास्टिंग वाले स्थान पर गड़बड़ी को अधिकारी देख सकेंगे। उसे रोकने के निर्देश तुरंत देंगे। कहीं भीड़ ज्यादा है तो उसके अनुरूप व्यवस्था कर सकेंगे। कई बार शिकायत रहती है कि एक ही व्यक्ति कई जनों के वोट करके आ जाता है, इस पर भी रोक लग सकेगी। शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कई बार बूथ कैप्चरिंग की शिकायत भी आती है, ऐसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी।

जानें कैसे होती है लाइव वेबकास्टिंग


जिन केन्द्रों पर गड़बड़ी होने की आशंका है उन्हीं केन्द्रों को लाइव बेबकास्टिंग के लिए चुना गया है। बूथ पर आईपी तकनीक के विशेष कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे में मोबाइल में डलने वाली सिम को एक्टिवेट किया जाएगा। इससे कैमरे को इन्टरनेट मिलता रहेगा। इस कैमरों को विशेष सॉटवेयर से जोड़ा जाएगा। फिर यहां होने वाले गतिविधि को जिन अधिकारियों को राइट मिले हुए हैं, वे उसे देख सकेंगे। खास बात यह है कि इसकी गड़बड़ी को बाद में भी देखा जा सकेगा। क्योंकि इसकी रेकॉडिंग भी की जाएगी। इस बारे में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक घनश्याम गोयल ने बताया कि इस बार उप चुनाव में 145 केन्द्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी।

Also Read
View All

अगली खबर