
राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन की घोषणा के चलते जनवरी 2025 में समाप्त हो रहे ग्राम पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। इसे लेकर सरकार में मंथन चल रहा है। हालांकि अभी तक सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। जनवरी माह में 6759 ग्राम पंचायत का कार्यकाल पूरा हो रहा है। नए जिलों पर फैसले के बाद ही ग्राम पंचायतों, पंचायतों और जिला परिषदों का पुनर्गठन होगा। ऐसे में तब तक चुनाव टाले जा सकते हैं।
इसके अलावा मार्च 2025 में 704 और सिंतबर 2025 में 3847 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होगा। हालांकि 73 और 74 वें संविधान संशोधन के प्रावधानों के मुताबिक ग्राम पंचायतों का चुनाव हर पांच साल में कराना अनिवार्य है। ऐसे में सरकार को चुनाव टाले जाने के विशेष कारण भी बताने होंगे। सूत्रों की मानें तो सरपंचों का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला आगामी कैबिनेट की बैठक में लिए जाने की बात कही जा रही है।
पंचायत राज विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो पहले सरकार जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। वहां प्रशासक लगाने पर विचार कर रही थी लेकिन पंचायत राज नियमों के तहत 6 माह से अधिक समय के लिए प्रशासक नहीं लगाई जा सकते हैं। अगर प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाया जाता है तो इसके लिए सरकार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजना होगा।
राजस्थान सरपंच संघ ने भी मध्य प्रदेश मॉडल की तर्ज पर सरपंचों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर से की थी, जिस पर मंत्री ने भी इस मॉडल का परीक्षण करने की बात कही थी।
वहीं, अगले साल पंचायतों और जिला परिषदों का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। नवंबर 2025 में 21 जिला परिषद और 222 पंचायत समिति, अगस्त 2026 में 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समिति, अक्टूबर 2026 में 2 जिला परिषद, 22 पंचायत समिति और नवंबर 2026 में 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
मध्य प्रदेश मॉडल की तर्ज पर सरपंचों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग सरकार की गई है। पंचायत राजमंत्री को ज्ञापन दिए गए हैं। उम्मीद है सरकार हमारी मांग पर विचार करेगी।- बंशीधर गढ़वाल, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान सरपंच संघ
Updated on:
05 Nov 2024 08:42 am
Published on:
05 Nov 2024 08:42 am
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