झुंझुनू

राजस्थान में फ्लोराइड धीमा जहर: दौसा और बाड़मेर समेत इन 5 जिलों से सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर

राजस्थान में फ्लोराइड युक्त पानी का जहर लोगों की हड्डियां गला रहा है। जल जीवन मिशन के ताजा आंकड़ों (2025-26) के अनुसार, राजस्थान के 1140 गांवों में फ्लोराइड और TDS मानक से कहीं अधिक है। डीडवाना-कुचामन, नागौर और बाड़मेर के साथ झुंझुनूं जिला इसकी भारी चपेट में हैं।
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Jan 25, 2026
Fluoride Contamination Water
Fluoride Contamination Water (Photo-AI)

Fluoride Contamination Water: झुंझुनूं जिले के मलसीसर कस्बा निवासी सत्यवीर सिंह के अचानक जोड़ों में दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने बताया कि फ्लोराइड युक्त पानी के कारण ऐसा हुआ है। ऑपरेशन भी करवाया, इसके बावजूद वह पिछले 14 साल से व्हीलचेयर पर जीवन यापन कर रहा है। एमए, एमकॉम तक पढ़ाई करने के बाद भी बेरोजगार रहना पड़ रहा है।

यह पीड़ा अकेले सत्यवीर सिंह की नहीं है। प्रदेश के कई जिलों में आज भी लोग फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। नतीजा, कम उम्र में झुकी कमर, घुटनों और जोड़ों में दर्द, दांतों का पीलापन, हड्डियों में विकृति और स्थायी अपंगता। खास बात यह है कि लोगों को पानी के खराब होने की जानकारी है। फिर भी विकल्प न होने के कारण वही पानी पीना उनकी मजबूरी बना हुआ है।

चौंकाने वाले हैं आंकड़े

जल जीवन मिशन के जल गुणवत्ता प्रबंधन सूचना तंत्र के ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो 2025-26 में अब तक हुई जांच में प्रदेश के 1140 गांवों में फ्लोराइड और टीडीएस मानक से अधिक पाया गया है। इनमें डीडवाना-कुचामन, नागौर, दौसा और बाड़मेर ऐसे जिले हैं, जहां 100 से अधिक गांव फ्लोराइड प्रदूषण की चपेट में हैं। टीडीएस के मामले में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

झुंझुनूं में भी फ्लोराइड से जूझते कई गांव

झुंझुनूं जिले में मलसीसर, बुहाना, उदयपुरवाटी, खेतड़ी और नवलगढ़ क्षेत्र ज्यादा प्रभावित हैं। अस्पताल में हर दिन जोड़ों, घुटनों और दांतों की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3224 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 305 सैंपल फेल हुए और 803 मरीज फ्लोरोसिस के सामने आ चुके हैं। वहीं, जल जीवन मिशन से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार जिले के 83 गांवों में फ्लोराइड और 60 गांवों में टीडीएस की मात्रा मानक से अधिक है।

जिला, फ्लोराइड प्रभावित गांव और टीडीएस प्रभावित गांव

जिलाफ्लोराइड प्रभावित गांवटीडीएस प्रभावित गांव
दौसा122120
डीडवाना-कुचामन120133
नागौर115171
बाड़मेर110169
झुंझुनूं8360

गांवों से सामने आई सच्चाई

-लालपुर गांव में दस में से सात-आठ लोगों के दांत लाल पड़ चुके हैं। कम उम्र में ही जोड़ों के दर्द की शिकायत आम हो गई है।
-मलसीसर उप जिला अस्पताल में रोजाना 100 में से 10 मरीज घुटनों और जोड़ों के दर्द से पीड़ित आते हैं। 18 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं।
-अलसीसर तहसील के भूदा का बास ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सुशील कुमार खीचड़ बताते हैं कि गांव में लगभग 40 प्रतिशत लोग घुटनों में दर्द, कमर दर्द से परेशान हैं। वह खुद 12 साल से पीड़ित हैं।

इनका कहना है

फ्लोरोसिस के मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। अकेले बीडीके अस्पताल में 100 में से 10-20 मरीज फ्लोरोसिस के आ रहे हैं। फिल्टर पानी पीकर फ्लोराइड का प्रभाव कम किया जा सकता है, लेकिन इसे बिल्कुल खत्म नहीं किया जा सकता।
-डॉ. अरुण कुमार, दंत रोग विशेषज्ञ, बीडीके अस्पताल झुंझुनूं

Updated on:
26 Jan 2026 10:26 am
Published on:
25 Jan 2026 10:04 am