
झुंझुनूं जिले में खिरोड़ की कैमरी की ढाणी में शुक्रवार सुबह हुई गैंगवार में दो बदमाशों की मौत हो गई। मरने वालों में ढाका की ढाणी निवासी सुनील सुंडा और सीकर के राणोली थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी शामिल है। पुलिस के अनुसार वारदात आपसी रंजिश में हुई।
घटना के समय गोठड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा, कैमरी की ढाणी स्थित अपने घर के बाहर कार में बैठा था। उसके साथ कार में सुनील सुंडा भी मौजूद था। तभी बिना नंबर की कार में सवार होकर चार बदमाश वहां आए और रविंद्र पर फायर कर दिया। रविंद्र झुककर किसी तरह बच गया, लेकिन हमलावर भागने लगे। भागते बदमाशों की गाड़ी का स्टीयरिंग सुनील ने पकड़ लिया, इसी दौरान बदमाशों ने उस पर फायर कर दिया और मौके से भाग निकले। सुंडा की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई।
फायरिंग के बाद बदमाशों की कार करीब दो किलोमीटर आगे कच्चे रास्ते में फंस गई। वहां से तीन बदमाश पैदल ही एक तरफ भागे। ग्रामीणों और रविंद्र कटेवा के साथियों ने पीछा किया और रणवां की ढाणी के एक खेत में उन्हें घेर लिया। इनमें से दो बदमाश पिंटू पुत्र रामलाल मेघवाल निवासी भींचरी (सीकर) और राजू सिंह पुत्र अंशू सिंह निवासी अठवास (सीकर) को ग्रामीणों ने पकड़कर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। तीसरे बदमाश हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी का शव पुलिस को खेत में पड़ा मिला। उसके सिर में गोली लगी हुई थी। उसने खुद को गोली मारी या गैंगवार में उसको गोली लगी, इसकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दोनों बदमाशों का नवलगढ़ जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाया, जहां से उन्हें सीकर रेफर कर दिया। दोनों का सीकर में इलाज चल रहा है। वहीं चौथा बदमाश फरार हो गया।
पुलिस ने रविंद्र कटेवा के घर के सामने से उसकी एसयूवी कार और फायरिंग करके भागे बदमाशों की कच्चे रास्ते में फंसी कार को जब्त कर लिया।
घटना की सूचना के बाद गोठड़ा, नवलगढ़ व गुढ़ागौड़जी पुलिस मौके पर पहुंची। नवलगढ़ पुलिस उप अधीक्षक महावीर सिंह, एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत और बाद में पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव नवलगढ़ और सीकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए। दिनभर पुलिस टीमें मामले की कड़ियां जोड़ती और बदमाशों के नेटवर्क की जांच में जुटी रहीं।