
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी क्षेत्र से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और विचलित कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के मेहाड़ा थाना इलाके में आने वाले ढोसी गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहे आपसी झगड़े में एक 38 वर्षीय बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता की पीट-पीटकर और बाद में उनके ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह पूरी वारदात 25 जून की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। घटना के समय गांव की एक धर्मशाला के पास यह खौफनाक मंजर देखकर स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। लहूलुहान हालत में बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें टूट चुकी थीं।
मेहाड़ा थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग की पहचान 65 वर्षीय महावीर प्रसाद के रूप में हुई है, जो पेशे से एक किसान थे और गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी करते थे। इस हत्या का आरोप उनके इकलौते बेटे शमशेर सिंह (उम्र 38 वर्ष) पर लगा है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, इस खौफनाक कत्ल के पीछे की मुख्य वजह थी:
3 साल से चल रहा था विवाद: पिता महावीर प्रसाद और बेटे शमशेर सिंह के बीच पिछले 3 साल से जमीन के मालिकाना हक और बंटवारे को लेकर बहुत गंभीर कानूनी व पारिवारिक विवाद चल रहा था।
अलग रहता था आरोपी बेटा: इस अत्यधिक मानसिक तनाव और हर दिन होने वाले झगड़ों के कारण आरोपी बेटा शमशेर सिंह अपने पिता के मुख्य मकान से अलग दूसरे हिस्से में रहने लगा था।
रिश्तेदारों के समझौते हुए फेल: ढोसी गांव के स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और कई नजदीकी रिश्तेदारों ने बीते महीनों में दोनों पिता-पुत्र को एक साथ बैठाकर आपसी समझौता कराने के विधिक प्रयास भी किए थे, लेकिन शमशेर अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ था और विवाद नहीं सुलझ सका।
वारदात की रात को महावीर प्रसाद घर पर अकेले थे। उनकी पत्नी किसी आवश्यक कार्य से अपने एक रिश्तेदार के घर गांव से बाहर गई हुई थी। रात करीब 10:30 बजे महावीर प्रसाद गर्मी के कारण घर के पास ही स्थित गांव की एक सार्वजनिक धर्मशाला के बाहर चबूतरे पर बैठे हुए थे।
तभी वहां घात लगाकर बैठा आरोपी बेटा शमशेर सिंह अचानक लाठी लेकर पहुंच गया। उसने वहां आते ही अपने वृद्ध पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। धर्मशाला के पास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने बीच-बचाव करने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपी के सिर पर खून सवार था। वह चिल्लाते हुए अपने पिता को पीटते-पीटते जबरन मुख्य पक्की सड़क के बीचों-बीच घसीट कर ले आया।
बुजुर्ग पिता महावीर प्रसाद को अधमरी हालत में गिराने के बाद आरोपी शमशेर सिंह पास ही खड़े एक ट्रैक्टर की तरफ भागा। उसने तुरंत ट्रैक्टर को स्टार्ट किया और सड़क पर पड़े अपने लाचार पिता को जान से खत्म करने की नीयत से ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दिल दहला देने वाले इस वाकये के दौरान:
बार-बार बैक कर चढ़ाया वाहन: आरोपी ने सड़क पर छटपटा रहे अपने पिता के शरीर के ऊपर ट्रैक्टर के भारी टायरों को बार-बार आगे-पीछे करते हुए चढ़ा दिया, जिससे बुजुर्ग के शरीर की हड्डियां टूट गईं और वे गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित: वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद ग्रामीण और पीड़ित के परिजन तुरंत लहूलुहान और अचेत बुजुर्ग महावीर प्रसाद को लेकर खेतड़ी के राजकीय अजीत उप जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें विधिक रूप से मृत घोषित कर दिया।
इस वीभत्स हत्याकांड की सूचना मिलते ही मेहाड़ा थानाधिकारी (SHO) राममनोहर ठोलिया तुरंत भारी पुलिस जाप्ते और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ रात में ही ढोसी गांव के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और मौका-मुआयना कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की वर्तमान कानूनी कार्रवाई का स्टेटस इस प्रकार है:
दामाद की रिपोर्ट पर FIR दर्ज: मृतक बुजुर्ग के दामाद राकेश कुमार (निवासी बाढड़ा) की लिखित शिकायत के आधार पर मेहाड़ा थाना पुलिस ने आरोपी शमशेर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित विधिक धाराओं के तहत हत्या (Murder) का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपी बेटा शमशेर पुलिस की गिरफ्त में: पुलिस टीम ने त्वरित नाकाबंदी और दबिश देकर आरोपी बेटे शमशेर सिंह को वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर धर-दबोचा। पुलिस हिरासत में उससे इस हत्याकांड की कड़ियों को लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्द: शुक्रवार (26 जून 2026) की सुबह खेतड़ी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा मृतक बुजुर्ग महावीर प्रसाद के शव का विधिक पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों और ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया है।