
खुशी राणासरिया. Photo- Patrika
झुंझुनूं। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो घर की चारदीवारी भी कारोबार की मजबूत नींव बन सकती है। झुंझुनूं की युवती खुशी राणासरिया ने अपनी मेहनत के दम पर इसका उदाहरण पेश किया है। कोरोना काल में घर से शुरू किया गया छोटा-सा काम आज एक ऐसे कारोबार का रूप ले चुका है, जिसमें खुशी को झुंझुनूं के अलावा चिड़ावा, पिलानी, मुकुंदगढ़, जयपुर और सूरत सहित कई शहरों से ऑर्डर मिल रहे हैं। खास बात यह है कि खुशी ने अभी तक अपनी कोई दुकान नहीं खोली है। घर से ही पूरा काम संभालते हुए उन्होंने अपने हुनर को पहचान दिलाई है।
खुशी ने बताया कि कोरोना काल के दौरान जब अधिकांश गतिविधियां बंद थीं, तब उन्होंने घर पर ही लड्डू गोपाल के लिए एक सुंदर ड्रेस तैयार की। ड्रेस तैयार करने के बाद उसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया। डिजाइन लोगों को पसंद आई और धीरे-धीरे उन्हें ऑर्डर मिलने लगे। यही छोटा-सा प्रयास उनके कारोबार की शुरुआत बन गया। ऑर्डर मिलने के बाद खुशी ने हैंडमेड सामान तैयार करने पर ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने कान्हा की आकर्षक ड्रेस, झूले, श्रृंगार का सामान और अन्य सजावटी वस्तुएं बनानी शुरू कीं। अलग-अलग डिजाइन और हाथ से तैयार किए गए सामान को ग्राहकों ने पसंद किया और काम लगातार बढ़ता गया।
खुशी ने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सगाई और शादी समारोह में कपड़ों सहित अन्य सामान की आकर्षक पैकिंग का काम भी शुरू किया। उनकी ओर से तैयार की गई पैकिंग लोगों को इतनी पसंद आई कि अब उन्हें कई स्थानों से विशेष ऑर्डर मिलने लगे हैं।
चिड़ावा, पिलानी, मुकुंदगढ़, जयपुर और सूरत सहित अनेक जगहों से शादी और सगाई समारोह की पैकिंग के लिए खुशी को काम मिल रहा है। खुशी ग्राहकों की पसंद और समारोह की थीम के अनुसार पैकिंग तैयार करती हैं। यही वजह है कि एक बार काम करवाने वाले ग्राहक दोबारा भी उनसे संपर्क करते हैं। पारंपरिक तरीके के साथ आधुनिक डिजाइन का मेल उनके काम को खास बनाता है।
खुशी ने अपने कारोबार में राखियों को भी शामिल किया है। वह घर पर ही अलग-अलग डिजाइन की हैंडमेड राखियां तैयार कर रही हैं। आकर्षक डिजाइन और हाथ से तैयार होने के कारण इन राखियों को भी लोगों की ओर से पसंद किया जा रहा है। इसके अलावा दीपावली पर गिफ्ट आइटम की पैकिंग भी ग्राहकों की मांग और पसंद के अनुसार तैयार करती हैं।
खुशी का काम केवल भगवान के श्रृंगार और पैकिंग तक सीमित नहीं है। वह होम डेकोर से जुड़ी विभिन्न वस्तुएं भी तैयार करती हैं। घर को सजाने के लिए उपयोग होने वाले हैंडमेड सामान को वह ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुसार तैयार करती हैं। इससे उनके कारोबार में लगातार नए उत्पाद जुड़ते जा रहे हैं।
खुशी ने बताया कि उन्होंने करीब पांच हजार रुपए की शुरुआती पूंजी से यह काम शुरू किया था। शुरुआत में काम छोटा था और ऑर्डर भी सीमित थे, लेकिन लगातार मेहनत और ग्राहकों के भरोसे से कारोबार बढ़ता गया। अब सीजन के दौरान उनकी आय दो लाख रुपए से अधिक तक पहुंच जाती है।
खुशी के इस सफर में उनका परिवार भी पूरी तरह सहयोग कर रहा है। डिजाइन तैयार करने से लेकर सामान बनाने, पैकिंग और ऑर्डर पूरा करने तक परिवार के सदस्य हाथ बंटाते हैं। घर से ही पूरा काम संचालित होने के कारण उन्हें अलग से दुकान का खर्च भी नहीं उठाना पड़ रहा है।
खुशी ने कहा कि यदि हुनर को मेहनत और नए प्रयोगों के साथ आगे बढ़ाया जाए तो घर बैठे भी रोजगार का अच्छा साधन तैयार किया जा सकता है। कारोबार शुरू करने के लिए हमेशा बड़ी पूंजी या बड़ी दुकान जरूरी नहीं होती। हुनर, मेहनत, रचनात्मकता और ग्राहकों का भरोसा हो तो घर से भी सफलता की मजबूत शुरुआत की जा सकती है।
Updated on:
14 Aug 2026 06:34 pm
Published on:
14 Aug 2026 06:31 pm
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