
झुंझुनूं। राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच सरपंची की सियासत अब खूनी संघर्ष तक पहुंच गई है। जिले की नवलगढ़ पंचायत समिति की तोगड़ा कलां ग्राम पंचायत के देलसर कलां गांव में बुधवार आधी रात दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। 7-8 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे हथियारबंद लोगों ने लाठी, सरियों और लोहे के पाइपों से हमला कर दिया। करीब 15 मिनट तक चले इस संघर्ष में पंजाब के होशियारपुर निवासी जगदीप सिंह उर्फ जग्गी (30) की मौत हो गई, जबकि दो-तीन अन्य लोग घायल हो गए। हमले के दौरान कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। अचानक हुए घटनाक्रम से गांव में दहशत फैल गई। हालात ऐसे थे कि ग्रामीण घटनास्थल के नजदीक जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए।
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे गांव में अचानक एक के बाद एक कई गाड़ियां पहुंचने लगीं। रात करीब पौने 12 बजे तक दोनों पक्षों के लगभग दो दर्जन लोग आम चौक में आमने-सामने हो गए। पहले कहासुनी और गाली-गलौच हुई, फिर लाठी-डंडों और लोहे के पाइपों से मारपीट शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 15 मिनट तक उत्पात चलता रहा। इस दौरान एक-दूसरे पर गाड़ियां दौड़ाने और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके से फरार हो गए। घटनास्थल पर एक युवक गंभीर हालत में पड़ा मिला, जिसकी बाद में मौत हो गई।
मामले में देलसर कलां निवासी पंकज कुमार ने नवलगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया कि 4 नवंबर की रात करीब 10:25 बजे तोगड़ा कलां निवासी पूर्व सरपंच संजीव कुमार ने फोन कर धमकी दी थी। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर जयवीर घरड़ाना ने भी फोन कर धमकाया। पंकज के अनुसार, बाद में वह अपने साथी विकास के साथ देलसर कलां पहुंचा। वहां आम चौक में संजीव कुमार, जयवीर घरड़ाना, ओमप्रकाश सुण्डा, रोशनदास महाराज, कृष्ण कुमार, राहुल गावड़िया सहित 10-15 अन्य लोग 7-8 गाड़ियों में मौजूद थे। आरोप है कि वहां विजय कुमार के साथ धक्का-मुक्की शुरू की गई। इसके बाद उसे पकड़कर लोहे के पाइपों से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट की गई।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि संजीव कुमार ने गाड़ी चढ़ाकर पंकज और विजय को कुचलने का प्रयास किया। इसी दौरान गाड़ी की चपेट में जयवीर के साथी जगदीप सिंह उर्फ जग्गी आ गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घायल विजय को नवलगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सीकर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव को नवलगढ़ जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। गुरुवार शाम तक मृतक के परिजन अस्पताल नहीं पहुंचे थे।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की सूचना और मौके पर पहुंचने के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। थानाधिकारी अजय सिंह के अनुसार, पुलिस को बुधवार शाम ही गांव में संभावित विवाद की सूचना मिल गई थी। पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन पहले देलसर कलां के बजाय ग्राम पंचायत मुख्यालय तोगड़ा कलां पहुंच गई। वहां से वापस देलसर कलां के लिए रवाना होने तक वारदात हो चुकी थी।
पुलिस ने घटनास्थल से क्षतिग्रस्त और वारदात में इस्तेमाल किए गए दो-तीन वाहन जब्त किए हैं। डीएसपी सुगन सिंह और थानाधिकारी अजय सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। गुरुवार शाम तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी और दूसरे पक्ष की ओर से भी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस चुनावी रंजिश, फोन पर दी गई धमकियों और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।