Jammu Kashmir Terror Attack : जम्मू-कश्मीर में डोडा जिले के डेसा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के कैप्टन समेत 4 जवान शहीद, शहीद होने वालों में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के दो सपूत, बुहाना तहसील के भैसावता कलां के जवान अजय नरुका और डुमोली गांव के लाडले बिजेन्द्र सिंह दौराता शहीद
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के कैप्टन सहित चार जवान शहीद हो गए। इसमें एक पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई है। इस मुठभेड़ में राजस्थान के झुंझुनूं जिले ने भी दो लाल खो दिए हैं। मुठभेड़ में झुंझुनूं के सिपाही अजय सिंह और बिजेन्द्र सिंह शहीद हो गए। अजय सिंह झुंझुनूं के भैसावता कलां और बिजेन्द्र सिंह डुमोली गांव के निवासी थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़ में ये जवान शहीद हुए। बुधवार शाम इनकी पार्थिव देह सेना के विशेष विमान से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी। जहां श्रद्धांजलि के बाद सेना के वाहन से उनके पैतृक गांव ले जाया। जहां उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
परिवार में अजय सिंह तीसरे शहीद है। अजय सिंह के चाचा सुजानसिंह 14 दिसम्बर 2021 को शहीद हुए। वहीं उनके मामा चांदकोठी निवासी तेजपालसिंह ने भी अपनी जान मातृभूमि को न्यौछावर कर दी। शहीद अजयसिंह नरूका के पिता कमलसिंह नरूका भी सेना में थे। वह 24 राजपूत रेजिमेंट सेंटर फतेहगढ़ से नवम्बर 2015 को रिटायर हुए। शहीद के चाचा कायमसिंह सेना मेडल से 2022 में सम्मानित हुए। वह फिलहाल माउण्ट आबू में तैनात है।
2021 में हुई थी शादी
भैसावता के अयजसिंह की ट्रेनिंग फतेहगढ (यूपी) 6 राजपूत बटालियन में हुई थी। उनकी पहली पोस्टिंग सिक्कम में हुई थी। उन्होंने मेरठ केंट 6 राजपूत बटालियन में भी कार्य किया। इसके बाद 10 आरआर डोडा (जम्मू कश्मीर) में तैनात थे। अजयसिंह की शादी 21 नवम्बर 2021 को अगवान कलां निवासी शालू कंवर के साथ हुई थी। शालू कंवर ने एमएससी की परीक्षा दी है। शहीद के परिजनों ने बताया कि अब अजय की वीरांगना शालू को भी सेना में भेजने की कोशिश करेंगे।
पत्नी के पास आया शहादत का फोन
शहीद अजयसिंह की पत्नी शालू कंवर के पास सेना के अधिकारियों का फोन आया कि उनके पति शहीद हो गए। यह समाचार सुनते ही वह बेसुध हो गईं। परिजनों ने बताया अजय सिंह दो महीने पहले ही घर आए थे। घटना से कुछ समय पहले उन्होंने अपने घर पर फोन भी किया था। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी छुट्टी मंजूर हो गई है, और वे 18 जुलाई को गांव आने वाले है।