झुंझुनू

Jhunjhunu News: ट्रेन में दिव्यांग के साथ बच्चे को देख हुआ शक, यात्रियों ने घेरा तो खुला किडनैपिंग का राज; आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली कैंट से कथित रूप से अगवा किए गए 5 साल के मासूम को खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रहे परिवार की सजगता से सकुशल छुड़ा लिया गया। सैनिक एक्सप्रेस के कोच में एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ बच्चे को संदिग्ध हालात में देखकर यात्रियों को शक हुआ। पूछताछ करने पर मामला खुल गया।
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Updated: 24 Jun 2026, 6:44 PM IST
Kidnapped Child
आरपीएफ पुलिस की गिरफ्त में मासूम को अगवा करने वाला आरोपी। फोटो पत्रिका

झुंझुनूं। दिल्ली कैंट से कथित रूप से अगवा किए गए 5 साल के मासूम को खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रहे परिवार की सजगता से सकुशल छुड़ा लिया गया। सैनिक एक्सप्रेस के कोच में एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ बच्चे को संदिग्ध हालात में देखकर यात्रियों को शक हुआ। पूछताछ करने पर मामला खुल गया। यात्रियों ने आरोपी को घेर लिया और हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देकर उसे आरपीएफ के हवाले कर दिया। मामले की सूचना मिलने के बाद झुंझुनूं रेलवे स्टेशन पर पहुंची जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और आरोपी उमाशंकर शर्मा निवासी कोसी कलां, मथुरा को गिरफ्तार कर लिया।

बच्चे की हरकतों से हुआ शक

सीकर जीआरपी थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि जयपुर कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि सैनिक एक्सप्रेस के एस-1 कोच में एक संदिग्ध व्यक्ति के साथ बच्चा है। खाटूश्यामजी जा रहे यात्री आकाश कुमार ने 139 हेल्पलाइन पर कॉल कर इसकी जानकारी दी थी। आकाश कुमार ने बताया कि कोच में बैठे दिव्यांग व्यक्ति के साथ बच्चे को देखकर उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। बच्चे के हावभाव भी सामान्य नहीं लग रहे थे। पूछताछ करने पर व्यक्ति घबरा गया, जिसके बाद यात्रियों ने उसे रोक लिया और पुलिस को सूचना दी।

झुंझुनूं स्टेशन पर पहुंची टीम, आरोपी गिरफ्तार

सूचना मिलने पर झुंझुनूं आरपीएफ चौकी प्रभारी राजीव जानू और मुख्य आरक्षक सुदेश को अलर्ट किया गया। ट्रेन के झुंझुनूं स्टेशन पहुंचने पर टीम ने बच्चे को अपने कब्जे में लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जीआरपी के अनुसार आरोपी की पहचान उमाशंकर शर्मा निवासी कोसीकलां, मथुरा के रूप में हुई है। आरोपी एक पैर से दिव्यांग है और नकली पैर लगाकर चलता है।

बोला आरोपी- अकेला मिला तो उठा लाया

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुंबई में ट्रेन हादसे में उसका एक पैर चला गया था। इसके बाद वह ट्रेनों में भीख मांगकर गुजारा करता है। उसका कहना है कि उसने दिल्ली कैंट स्टेशन के पास बच्चे को अकेला देखा और उसे अपने साथ ले आया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अकेला रहता है और उसकी इच्छा थी कि बच्चे को पाल-पोसकर बड़ा करेगा, ताकि बड़ा होने पर बच्चा उसकी सेवा कर सके।

मां ने दिल्ली कैंट आरपीएफ को दी थी सूचना

जीआरपी थाना प्रभारी के अनुसार बच्चे के परिजनों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मासूम की मां ने दिल्ली कैंट आरपीएफ को बच्चे के लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद दिल्ली कैंट से बच्चे की फोटो मंगवाकर परिजनों से पहचान करवाई गई। मां ने बच्चे की पुष्टि कर दी है। अब बच्चे के परिजन उसे लेने दिल्ली से झुंझुनूं के लिए रवाना हो चुके हैं।

झुंझुनूं चौकी में खेलता नजर आया मासूम

घटना के बाद मासूम को झुंझुनूं आरपीएफ चौकी में रखा गया। इस दौरान बच्चे को पूरे मामले की जानकारी नहीं थी और वह बेफिक्र होकर खेलता नजर आया। यात्रियों की सतर्कता से मासूम अपने परिवार तक पहुंचने की राह पर है।

Updated on:
24 Jun 2026, 6:44 PM IST
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