झुंझुनू

राजस्थान में पूर्व सरपंच का भतीजा चला रहा था 100 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री, महाराष्ट्र पुलिस की रेड के बाद मचा हड़कंप

Jhunjhunu Crime: झुंझुनूं जिले में अवैध नशे के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। खेतों के बीच बने एक मुर्गी फार्म में करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
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Updated: 16 Dec 2025, 2:00 PM IST
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फोटो: पत्रिका

100 Crore MD Drugs Factory Busted: झुंझुनूं जिले के नांद का बास गांव में खेतों के बीच बने एक मुर्गी फार्म में करीब 15 दिन से मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी। महाराष्ट्र पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल और झुंझुनूं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है।

पुलिस जांच में सामने आया कि एमडी ड्रग्स निर्माण के दौरान तेज बदबू आती है। लोगों को भनक न लगे, इसके लिए सुनसान इलाके में बने मुर्गी फार्म को चुना। ये फार्म पिछले सात-आठ साल से संचालित हो रहा था और आरोपी अनिल सिहाग के चाचा सुरेश सिहाग का है। सुरेश सिहाग की पत्नी चुड़ैला ग्राम पंचायत की सरपंच रह चुकी हैं। पहले नांद का बास चुड़ैला ग्राम पंचायत में ही आता था। लेकिन हाल ही में परिसीमन के बाद नांद को अलग ग्राम पंचायत बना दिया गया।

पहले भी कर चुका तस्करी

गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार सिहाग 12वीं पास है। पुलिस के अनुसार वह पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रह चुका है। वर्ष 2016-17 में वह अपने चाचा के मुर्गी फार्म पर काम करता था, जहां उसकी पहचान सुभाष से हुई। इसके बाद वह नीमच से डोडा पोस्त लाकर आस-पास के इलाकों में सप्लाई करने लगा। एक मामले में उसे जेल भी जाना पड़ा था।

जल्दी धनवान बनना चाहता था

पूछताछ में अनिल ने बताया कि उसका परिचित बिज्जू उर्फ जग्गा निवासी नेतड़वास, सीकर ने एमडी ड्रग्स बनाने के लिए सुनसान जगह की जरूरत बताई। बदबू और खतरे का हवाला देते हुए मोटी रकम का लालच दिया गया। दिवाली के आस-पास और फिर 20 नवंबर को तीन दिन के लिए मुर्गी फार्म में जगह देने पर सहमति बनी। 26 नवंबर को बिज्जू हरियाणा नंबर की कार से केमिकल और उपकरण लेकर पहुंचा और यहां पर फैक्ट्री स्थापित कर दी। वह जल्दी धनवान बनना चाहता था।

सौदे के लिए बुलावा, यहीं फंसा

13 दिसंबर को अनिल को फोन आया कि माल नहीं दिया तो पार्टी लौट जाएगी। इसके बाद वह एक किलो एमडी ड्रग्स लेकर सीकर पहुंचा, जहां पहले से तैयार महाराष्ट्र पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अनिल की निशानदेही पर पुलिस ने बिज्जू को सीकर बुलाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को देखकर वह कार भगाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

ऐसे झुंझुनूं तक पहुंची पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार 4 अक्टूबर को महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एमडी ड्रग्स की बरामदगी और छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया जांच शुरू हुई थी। पूछताछ में झुंझुनूं कनेक्शन सामने आने पर यहां दबिश दी गई। एमबीवीवी पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक ने बताया कि झुंझुनूं में पकड़ी गई फैक्ट्री ठाणे से शुरू हुई जांच का अहम हिस्सा है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

इनका कहना है

नांद का बास गांव में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई है। करीब 15 दिन पहले ही यहां निर्माण शुरू किया गया था। झुंझुनूं पुलिस की सूचनाओं के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सीकर का एक सप्लायर फरार है। जिले में एमडी ड्रग्स की कोई स्थानीय सप्लाई चैन सामने नहीं आई है।

बृजेश ज्योति उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं

Updated on:
16 Dec 2025, 2:00 PM IST
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