Dennis Bawaria Murder: डेनिस बावरिया हत्याकांड में अब तक 9 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार योगेंद्र ने हार्डकोर बदमाशों को अपनी कार दी थी। वहीं संदीप ने बदमाशों को जयपुर में छिपाकर उनके खाने-पीने की व्यवस्था की थी।
झुंझुनू। हिस्ट्रीशीटर डेनिस बावरिया हत्याकांड में पुलिस ने दो और आरोपियों बिशनपुरा निवासी योगेंद्र उर्फ विक्की व कंकड़ेऊ कलां निवासी संदीप चौधरी उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी मुख्य हत्यारों को छिपाने और उन्हें फरार कराने में सहयोगी रहे थे। अब तक इस प्रकरण में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कोतवाली थानाधिकारी हरजिंद्रसिंह ने बताया कि 20 अक्टूबर को धनूरी थाने के हिस्ट्रीशीटर डेनिस बावरिया उर्फ नरेश कुमार ने एसएमएस अस्पताल, जयपुर में पर्चा बयान दिया था कि वह अपने साथियों के साथ कार से पटाखों और तीन लाख रुपए लेकर चूड़ेला गांव जा रहा था।
इस दौरान चूरू बाइपास ठेके के पास तीन कैंपर गाड़ियों में सवार बदमाशों ने उसकी गाड़ी को टक्कर मारकर हमला किया और उसे अगवा कर लिया। रसोडा गांव में बेरहमी से पिटाई करने के बाद बदमाशों ने सोने की चैन, अंगूठी और नकदी लूट ली। बाद में 21 अक्टूबर को जयपुर के एसएमएस में इलाज के दौरान डेनिस की मौत हो गई थी।
जांच में सामने आया कि वारदात के बाद मुख्य आरोपी हार्डकोर बदमाश मंदीप उर्फ मदिया, हिस्ट्रीशीटर दीपक मालसरिया, हितेश मील, प्रशांत उर्फ पोकर और अजय जाट ने झुंझुनूं के बिशनपुरा निवासी योगेंद्र उर्फ विक्की से मदद मांगी थी। योगेंद्र ने कैंपर गाड़ी छिपाकर अपनी कार उन्हें दे दी, जिससे वे जिले से भाग निकले।
वहीं, दूसरा आरोपी संदीप चौधरी उर्फ छोटू, निवासी ककंडेऊ कला थाना मलसीसर जयपुर में चाय की दुकान चलाता है। वह पहले से ही मंदीप उर्फ मदिया और दीपक मालसरिया के संपर्क में था। हत्या के बाद उसने इन आरोपियों को जयपुर में छिपाकर रखा और खाने-पीने की व्यवस्था की। बाद में पुलिस की कार्रवाई की आशंका में उन्हें वहां से भगा दिया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ जारी है।