Rajasthan Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ के असर से झुंझुनूं सहित कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है, जहां तेज धूप के बीच आंधी और बूंदाबांदी ने लोगों को राहत के साथ परेशानी भी दी। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में हीटवेव को लेकर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
Rain In Shekhawati: अंचल में पश्चिमी विक्षोभ का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। बुधवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। कभी तेज धूप निकली तो कभी बादलों ने आसमान को ढक लिया। दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव के साथ तेज गर्मी और उमस के बीच धूलभरी आंधी ने लोगों को परेशान कर दिया।
शाम होते-होते कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी भी हुई। जिला मुख्यालय झुंझुनूं सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम करीब पांच बजे तेज आंधी चली, जिससे धूल के गुबार उठने लगे और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान शहर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित एक रेडियो स्टेशन पर बिजली गिरने से उपकरण जल गए।
मौसम विभाग ने आज 14 जिलों में ट्रिपल अलर्ट जारी किया है। जिसमें रेड अलर्ट:-बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में है जिससे अत्यधिक गर्मी और उष्ण रात्रि की स्थिति बन सकती है।
ऑरेंज अलर्ट:- बालोतरा, जालौर, जोधपुर और श्रीगंगानगर में जारी किया है जिससे भीषण हीटवेव की संभावना है।
वहीं येलो अलर्ट:- बारां, बूंदी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, कोटा और सवाईमाधोपुर में जारी किया है और हीटवेव से सावधानी बरतने की सलाह दी है।
झुंझुनूं के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में मंगलवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से एक एफएम रेडियो सेंटर का प्रसारण भी पूरी तरह बंद हो गया था। बिजली गिरने से ट्रांसमीटर, यूपीएस और कंप्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण उपकरण जल गए हालांकि अर्थिंग सिस्टम की वजह से बड़ा नुकसान होने से बच गया लेकिन बिजली सप्लाई प्रभावित रही।
तेज हवा के कारण जिले के कई हिस्सों में टीनशेड, छप्पर और बड़े होर्डिंग्स क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। बारिश और आंधी से बिजली ढांचे को भी भारी क्षति हुई थी, जिसमें कई स्थानों पर पोल टूट गए और ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए।
इसके चलते कई गांवों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही और लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। बिजली निगम की टीमें बुधवार सुबह से ही मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि कुछ जगहों पर देर रात तक काम जारी रहा।