
मंत्री झाबर सिंह खर्रा (फोटो-पत्रिका)
झुंझुनूं। राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने पर छात्रों और अभिभावकों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने से लाखों मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। खर्रा ने कहा कि मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच अब सीबीआई के हवाले कर दी गई है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
मंत्री ने झुंझुनूं में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पेपर लीक की सबसे बड़ी मार उन छात्रों पर पड़ी है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की थी। ऐसे विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ है, जिसे सरकार गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 2 से 3 महीनों में NEET परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा पूरी तरह कड़ी सुरक्षा और चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
खर्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन छात्रों ने पहले आवेदन किया था, उनसे दोबारा किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा, 'मेहनती बच्चों को जो मानसिक परेशानी और नुकसान हुआ है, उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से, साथ ही भारत सरकार और राजस्थान सरकार की ओर से माफी मांगता हूं।'
नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद विद्यार्थियों में निराशा और आक्रोश का माहौल है। जिले के अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ लोगों की करतूत की सजा ईमानदारी से मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों को भुगतनी पड़ रही है। विद्यार्थियों के अनुसार इस बार पेपर अपेक्षाकृत आसान था और अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों को अब दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी। इससे मानसिक तनाव, थकान और अनिश्चितता बढ़ गई है। कई विद्यार्थी लगातार लंबे समय से नीट की तैयारी कर रहे थे और अब उनकी तैयारी की लय भी प्रभावित हुई है।
कोचिंग संचालक एवं एक्सपर्ट सुनील डांगी ने बताया कि ईमानदारी से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को पेपर लीक से गहरा आघात पहुंचा है। परीक्षा प्रणाली को इतना मजबूत बनाया जाना चाहिए कि पेपर लीक की आशंका ही समाप्त हो जाए। एक्सपर्ट विक्रम जांगिड़ के अनुसार लगातार पेपर लीक की घटनाओं से विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है और परीक्षा प्रणाली से भरोसा कमजोर होता है।
एग्जाम के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की वजह से पूरी मेहनत खराब हो जाती है। इस बार पेपर अच्छा हुआ था। पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। -इशांत, अभ्यर्थी, चिड़ावा
इस बार अच्छे अंक आने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से काफी आघात लगा है। सरकार को ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। -राजबाला, अभ्यर्थी, चिड़ावा
Published on:
13 May 2026 06:38 pm
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